मैनपुरी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय, नगला कीरत में एल्बेंडाजोल दवा खाने के बाद 50 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डीएम सहित आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। इलाज के बाद सभी बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।
जिले के सभी स्कूलों में मंगलवार को 1 से 19 वर्ष तक के करीब 10,36,000 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने के आदेश प्रशासन ने दिए थे। कंपोजिट विद्यालय नगला कीरत में 200 बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद दोपहर करीब एक बजे शिक्षकों की देखरेख में एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। 15 मिनट बाद दो बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की। प्रधानाध्यापक बृजकांत सिंह उन्हें लेकर नजदीकी पीएचसी हिंदपुरम पहुंचे। इसी बीच उनको सूचना मिली कि 15 से 20 और बच्चों की हालत बिगड़ रही है। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी।
50 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर अभिभावकों तक पहुंची और वे स्कूल पहुंच गए। देखते ही देखते स्कूल में भीड़ जमा हो गई। प्रधानाध्यापक और शिक्षिकाओं ने अभिभावकों से सहयोग की अपील की। तब तक दो एंबुलेंस स्कूल पहुंच गईं। कुछ अभिभावक शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता पर उतारू थे, इसकी जानकारी प्रधानाध्यापक ने बीएसए को दी और मौके पर पुलिस बुला ली। पुलिस की मदद से सभी बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया। भाजपा नेता व पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान और पूर्व विधायक सपा राजकुमार यादव भी जिला अस्पताल पहुंचे। बच्चों और अधिकारियों से बातचीत कर अभिभावकों को उचित उपचार का भरोसा दिया।
डिंपल यादव ने लगाया आरोप
सांसद डिंपल यादव ने ''''एक्स'''' पर एक पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि नगला कीरत में सैकड़ों बच्चों को नकली दवा दिए जाने की खबर शर्मनाक और चिंताजनक है। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत मासूम बच्चों को चुकानी पड़ रही है। पूरे प्रदेश में नकली दवाइयों का कारोबार फल-फूल रहा है। दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
सभी बच्चों की हालत अब ठीक : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि दवा की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। दवा का नमूना सील कराया जा रहा है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में पहले दो बच्चों को पेट दर्द की दिक्कत हुई थी, उन्हें देखकर अन्य बच्चे घबरा गए। सभी बच्चों की हालत अब ठीक है और सबको घर भेज दिया गया है।
एल्बेंडाजोल खिलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- 1 से 2 साल तक के बच्चे को आधी गोली पीसकर चम्मच से खिलाएं।
- 2 से 3 साल के बच्चे को 400 एमजी की एक पूरी गोली पीसकर खिलाएं।
- 3 से 19 साल तक के बच्चे को एक गोली चबाकर खाने के लिए कहें।
ऐसे में न खाएं एल्बेंडाजोल
- बच्चे के खाली पेट होने पर
- छह महीने से छोटे बच्चे को
- यदि बच्चे को लिवर की बीमारी या यकृत की शिथिलता है
- यदि बच्चा पहले से ही किसी अन्य गंभीर बीमारी के कारण कमजोर या बीमार है।
वर्जन
कुछ बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की थी। सभी बच्चे अब ठीक हैं, उन्हें घर भेज दिया गया है। बच्चों की तबीयत खराब क्यों हुई, इसकी जांच कराई जा रही है।
- अंजनी कुमार सिंह, जिलाधिकारी