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महानंदा को रोकने पर पथराव, सिपाही को पीटा

Tue, 21 Feb 2017 11:07 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
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महानंदा एक्सप्रेस के यात्रियों ने आरपीएफ के सिपाही के साथ मारपीट कर दी।
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रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह आलमपुर से दिल्ली जा रही महानंदा एक्सप्रेस को रोके रखने तथा राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों को पास कराने से यात्रियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने पहले खूब नारेबाजी की। बाद में ट्रैक पर स्लीपर रख दिये। मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस उन्हें शांत कराने की कोशिश की लेकिन यात्री नहीं माने। बाद में पथराव शुरू कर दिया। इससे स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। वहीं, आरपीएफ के एक सिपाही की पिटाई भी कर दी। बवाल के चलते दिल्ली-हावड़ा अप और डाउन रेलमार्ग तीन घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान अन्य गाड़ियों को पिछले स्टेशनों पर रोके रखा गया। बाद में ट्रेन रवानगी के बाद मामला शांत हुआ।
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मंगलवार सुबह 6घंटा 22 मिनट देरी से शिकोहाबाद पहुंची महानंदा एक्सप्रेस को लूप लाइन पर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद मेनलाइन से राजधानी एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों को निकाला गया। कई घंटे तक महानंदा एक्सप्रेस के यात्री ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे लेकिन ट्रेन नहीं चली। इससे यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अन्य ट्रेनों को निकालने का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही ट्रैक पर स्लीपर रखकर अप और डाउन दोनों ओर के ट्रैक को बाधित कर दिया। मामला बिगड़ता देख रेलवे अधिकारियों ने महानंदा एक्सप्रेस के चालक ने बिना ग्रीन सिग्नल दिये ही हार्न बजा दिया। इससे हंगामा कर रहे यात्री ट्रेन में सवार हो गये। चालक ने धीमी गति से ट्रेन को चलाते हुए आउटर पर लाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद यात्री फिर उतर आये और महानंदा एक्सप्रेस पर ही पथराव कर गुस्सा उतारने लगे। मौके पर पहुंचे जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने यात्रियों को रोकने की कोशिश की। इस पर यात्रियों ने आरपीएफ  के एक सिपाही को पकड़ कर पिटाई कर दी। इस दौरान जान बचाते हुए रेलवे कालोनी की ओर भागा। उसके बचाव में स्थानीय रेलवे कालोनी के युवक भी आ गए। कालोनी के युवकों ने भी जवाब में पथराव शुरू कर दिया। कुछ देर तक दोनों ओर से पथराव होता रहा। इस बीच 8.52 बजे महानंदा एक्सप्रेस को रवाना कर दिया गया। यात्री उसमें सवार हो गये। इसके बाद मामला शांत हो गया।

स्टेशन अधीक्षक की लापरवाही से बढ़ी बात
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हंगामे के पीछे स्टेशन अधीक्षक
की लापरवाही सामने आ रही है। यदि समय रहते ट्रेन को रवाना कर दिया जाता तो यह घटना नहीं होती।
लोगों का कहना था कि 22 घंटे बिलंब से चल रही महानंदा एक्सप्रेस के यात्रियों की मांग थी कि उनकी ट्रेन को पास कराया जाये लेकिन स्टेशन अधीक्षक ने रेलवे कंट्रोल टूंडला को मामले से अवगत नहीं कराया और न कोई दिशा निर्देश लिये। यात्रियों का कहना था कि उनकी ट्रेन से पहले राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों को पास कराया गया। इससे उन्हें एक घंटा और इंतजार करना पड़ा। इसके बाद ही वे आक्रोशित हो गये।
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हंगामे के दौरान पीछे के स्टेशनों पर रुकीं रहीं ट्रेेनें
हंगामा के दौरान रांची से नई दिल्ली जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस सवा 8 बजे स्टेशन पर आ गई। इस दौरान ट्रैक बाधित होने के चलते कई ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर ही रोक दिया गया था। गरीब रथ को 8.55 बजे गंतव्य पर रवाना किया गया। स्थिति सामान्य होने में तीन घंटे का समय लगा।

मार्ग से हटाए स्लीपर
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। रेलवे कर्मचारियों ने रेल ट्रैक पर महानंदा एक्सप्रेस के यात्रियों द्वारा रखे गये स्लीपरों को हटाकर अप और डाउन ट्रैक को खोला गया। इसके बाद ही ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका। इस बीच अन्य ट्रेनों के यात्री परेशान दिखाई दिये।

टूंडला में हुई रेल दुघर्टना का असर हुआ
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। टूंडला में सोमवार को हुई ट्रेन दुर्घटना के चलते कई ट्रेनें विलंब से चल रहीं हैं। मंगलवार की घटना भी इसी का परिणाम बताई जाती है। आरपीएफ के उप निरीक्षक शिवचंद्र सिंह यादव ने कहा कि देर से चल रही महानंदा एक्सप्रेस के यात्रियों की मांग थी कि उनकी ट्रेन को रवाना किया जाये, जबकि परिचालन विभाग इसे रोक कर अन्य गाड़ियों को निकाल रहा था। इसके चलते यात्रियों का धैर्य टूट गया और उन्होंने यहां हंगामा कर दिया।
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