नकदी का इंतजाम न होने पर ग्राम चितावली में गुरुवार को टीका नहीं चढ़ने और शादी कैंसिल होने की घटना ने शादी वाले परिवारों को दहशत में डाल दिया है। बेटी की शादी की तैयारी में नोटबंदी आड़े आने पर एक विधवा मां ने जान दांव पर लगाने की बात कह दी। वह डीएम और बैंक मैनेजर पर समस्या का समाधान न कराने का आरोप लगा रही हैं।
शिकोहाबाद की आवास विकास कॉलोनी निवासी विधवा ओमवती की बेटी आरती की एक दिसंबर को बारात आनी है। घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं लेकिन नोटबंदी के कारण तैयारी प्रभावित हो रही हैं। ओमवती का कहना है कि उसका सेंट्रल बैंक में खाता है। तीन दिन बाद बारात आ रही है । विधवा का कहना है खाते में रुपये होने के बावजूद पैसे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हूं। बैंक मैनेजर से लेकर जिलाधिकारी के सामने अपना दुखड़ा रोया लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। बस टाल-मटौल कर दी। विधवा ओमवती के तीन बच्चे हैं सबसे बड़ी लड़की पूजा की शादी हो गयी है अब आरती की शादी है। ओमवती ने रविवार को कहा कि सरकार ने शादी के लिए ढ़ाई लाख रुपये खाते से निकालने की स्वीकृति दे जरूर दी है लेकिन रुपये मिलते नहीं हैं। अगर पैसों के अभाव में मेरे दरवाजे से बारात लौट गई तो वह जिलाधिकारी के सामने पुत्र-पुत्री सहित आत्महत्या कर लेगी।
कम से कम 2 लाख रुपये मिलें
शिकोहाबाद (ब्यूरो)।
विधवा ओमवती के देवर किशन यादव का कहना है कि भतीजी आरती की शादी के लिए बैंक खाते से कम से कम दो लाख रूपये तो मिल ही जाएं। बैंक मैंनेजर 10 हजार से ज्यादा नहीं दे रहे। इस मामले में मैं ओर भाभी ओमवती डीएम कार्यालय भी गए। डीएम ने भी परेशानी का समाधान नहीं किया है।