टिहरी बांध से पानी कम आने के कारण जिले में सिंचाई का संकट हो गया है
टिहरी बांध से पानी मिलना बंद होने से जिले के किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। पानी कम आने के कारण जिले की 48 में से आधा दर्जन टेलों को पानी मिल पा रहा है। वहीं भीषण गर्मी के मौसम में तालाबों का भरना तक मुश्किल हो गया। चार हजार क्यूसेक पानी के स्थान पर मात्र एक हजार क्यूसेक पानी मिल पा रहा है। विभाग के एक्सईएन ने सीधे शासन को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है।
अपर गंगा नहर प्रणाली को टिहरी बांध से पानी मिलना बंद हो गया है। इसका प्रमुख कारण इस पानी की आपूर्ति आगरा, मथुरा, दिल्ली जैसे महानगरों को की जा रही है। पानी नहीं मिलने के कारण किसानों की फसलों की सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रामगंगा के कालागढ़ बिजनौर बांध से जिले को मात्र एक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वहीं पहले टिहरी बांध से चार से पांच हजार क्यूसेक तक पानी मिलता था। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी का संकट नहीं रहता था। एक्सईएन नहर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि टिहरी बांध से इटावा, कानपुर एवं भोगनीपुर प्रखंड नहरों को पानी की आपूर्ति होती है लेकिन पिछले कुछ दिनों से पानी नहीं मिल पा रहा है। मात्र एक हजार क्यूसेक पानी आने के कारण तीनों को चार-चार सौ क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। जिले के मात्र ऊबटी, हरगनपुर और अहमदपुर रजबहा को ही पानी मिल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले के 48 टेलों में मात्र आधा दर्जन में पानी पहुंच रहा है।
टिहरी बांध से पानी मिलना बंद होने के कारण जिले में जबरदस्त सिंचाई संकट खड़ा हो गया है। कालागढ़ से एक हजार क्यूसेक पानी को तीन नहरों को बांटा गया है। तीन रजबहों को पानी पहुंचाया जा रहा है। शासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
राजेंद्र प्रसाद, एक्सईएन नहर विभाग
हाथरस रजवाह में पानी शेरपुर मंडनपुर तक आ गया है। कुछ दिनों के बाद रजवाह का पानी नारखी एवं फीरोजाबाद ब्लाक तक शीघ्र ही पहुंचेगा।
अब्दुल लतीफ एक्शईएन सिंचाई फीरोजाबाद