प्रदेश सरकार द्वारा लोहिया गांव में गरीबों के आवासों के निर्माण की बदली नियमावली के कारण दिसंबर के अंत तक पात्र चयनित नहीं हो सके। जनप्रतिनिधियों की सूची के पात्र उसी दिन फाइल हो सके, जिस दिन ही आचार संहिता लागू होनी थी। प्रशासन ने आनन-फानन में चयनितों के खातों में धनराशि ट्रांसफर कर दी।
डा.राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के तहत चयनित होने वाले 24 गांवों का विकास प्राथमिकता के आधार पर करने के आदेश प्रदेश सरकार के थे। वित्तीय वर्ष 2016-17 के चयनित गांवों के 660 पात्रों के चयन होना था। प्रशासन की ओर से 600 पात्रों का चयन कर लिया गया लेकिन 60 पात्रों को चयनित करने में अफसरों को पसीना आ गया। इसका प्रमुख कारण जिले के चार विधायकों द्वारा भेजी गई सूची के पात्र खोजने में अधिकारियों को खासी माथापच्ची करनी पड़ी। हालात यह रहे कि आचार संहिता लागू होने तक एमएलसी डा. असीम यादव और दिलीप यादव के पात्र पूरे नहीं हो सके। कमोवेश यही हालात शिकोहाबाद के विधायक ओमप्रकाश वर्मा के रहे। आखिर में प्रशासन ने आचार संहिता लागू होने की भनक लगते ही सूची फाइनल कर जनवरी को सभी के एकाउंट में प्रथम किश्त जारी करा दी। प्रशासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2016-17 में 134 आवास अल्पसंख्यक वर्ग, 155 एससी वर्ग 371 आवास सामान्य पिछड़ा वर्ग आदि को आवंटित किए गए हैं। पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव ने कहा कि लोहिया आवास के पात्र सिर्फ जनप्रतिनिधियों के ही रह गए थे। आचार संहिता लागू होने से पूर्व आवास चयन होने के साथ धनराशि जारी कर दी थी।