फिरोजाबाद। आंगनबाड़ी केंद्रों के समय से न खुलने और समय पूर्व बंद करने की शिकायतों पर डीएम की सख्ती के बाद शनिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) केशरी नंदन तिवारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं केंद्र पर ताला लटका मिला तो कहीं कार्यकर्ता सब्जियां खरीदती नजर आईं। एक केंद्र पर कोई बच्चा नहीं मिला। लापरवाही पर डीपीओ ने चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सितंबर का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी किया है।
डीपीओ केशरी नंदन तिवारी सुबह करीब नौ बजे नई बस्ती स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचे। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक संचालित होने वाला केंद्र बंद मिला। इस पर मंजू राठौर की तैनाती है। पास ही स्थित रीता गुप्ता का आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद मिला। डीपीओ ने जब रीता गुप्ता की खोजबीन की तो वह सब्जी की खरीदारी करती मिलीं। इसके बाद डीपीओ कमला गुप्ता के केंद्र पर पहुंचे, जहां मुख्य दरवाजा बंद था।
शिकोहाबाद क्षेत्र में सीडीपीओ द्वारा किए गए निरीक्षण में कार्यकर्ता सरिता यादव का आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद पाया गया। इस पर डीपीओ ने फिरोजाबाद की तीन (मंजू राठौर, रीता गुप्ता, कमला गुप्ता) और शिकोहाबाद की एक (सरिता यादव) का सितंबर का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी को स्पष्टीकरण देने के लिए कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।