फिरोजाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो न्यायालय मुमताज अली ने तीन वर्ष पुराने मामले में 10 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले बाल अपचारी को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 8 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामला थाना उत्तर क्षेत्र सैनिक नगर का है। वादी की दस वर्ष की नाबालिग पुत्री 15 मार्च 2021 को खेलते -खेलते मोहल्ले के एक घर में चली गई। जहां बाल अपचारी ने उसके साथ गलत नियत से बुरा काम किया। बच्ची की तलाश करता हुआ उसका भाई मौके पर पहुंचा। लेकिन वह धक्का देकर भाग निकला। पीड़िता को लेकर थाना उत्तर गए। दो लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों बाल अपचारियों के विरुद्ध आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रेषित किया। किशोर न्याय बोर्ड में घटना के समय एक बाल अपचारी की आयु 17 वर्ष एक माह पांच दिन पाते हुए बाल अपचारी नंबर 1 की पत्रावली बाल अपचारी नंबर 2 से अलग करके विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की न्यायालय में सुनवाई एवं निस्तारण के लिए भेजी गई। मुकदमा की सुनवाई एवं निस्तारण अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट मुमताज अली की न्यायालय में की गई। न्यायालय में आठ गवाहों ने बयान दिए।
न्यायाधीश मुमताज अली ने पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद बाल अपचारी को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।