फिरोजाबाद। अपर जिला जज प्रथम सुनील कुमार सिह ने 14 वर्ष पुराने हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा 50 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की धनराशि में 30 हजार रुपये मृतक के वारिसान को देने का आदेश दिया हैं।मामला थाना उत्तर क्षेत्र का वर्ष 2011 का है। कुशवाह नगर की सुखदेवी का लड़का बच्चू सिंह टैक्सी चलाता था। 29 मई 2011 को टैक्सी मालिक रूपेश ने गाड़ी में भुल्ला, नंदू, उमेश को बैठाकर भेजा था। रात करीब 10 बजे गाड़ी में बैठे लोगों ने रूपेश के इशारे पर गाड़ी से उतार कर एकराय होकर जान से मारने की नीयत से गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। आने जाने वाले राहीगीरों को आता देख हमलावर भाग गए। गोली की आवाज सुनकर गस्ती पुलिस की गाड़ी आ गई और घायल को सरकारी अस्पताल ले गए। हालत नाजुक होने पर आगरा रेफर कर दिया।
बच्चू सिंह की 6 जून 2011 को उपचार के दौरान जीजी नर्सिंग होम आगरा में मृत्यु हो गई। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमा सेशन सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज प्रथम के न्यायालय में भेजा गया। न्यायाधीश ने दोषी पर आरोप लगाया जिसने आरोप से इंकार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। न्यायालय में 10 गवाहों ने गवाही दी। न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्यन करने के बाद हरगोविंद उर्फ नन्दू उर्फ नंदी को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।
आत्महत्या के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को सात वर्ष की सजा
फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो न्यायालय कोर्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने चार वर्ष पुराने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की दोषी पत्नी को सात वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के परिजन को दी जाएगी।
मामला थाना नगला सिंघी का है। वादी शिवनरायन के पुत्र राजेश ने 6 मार्च 2021 को धीरपुरा गैस प्लांट के पास पेड़ पर गले में गमछा से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। वादी ने अगले दिन अपने मृतक बेटे राजेश का मोबाइल देखा तो उसमें फंदा लगने से पहले वीडियो बनाया, जिसमें राजेश ने अपनी पत्नी पुष्पा देवी पर आरोप लगाकर आत्महत्या करना बताया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत पुष्पा देवी पुत्री राज बहादुर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमा अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो कार्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में चला। न्यायालय ने दोषी पर आरोप लगाया, जिसने आरोप से इन्कार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद पुष्पा देवी दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।