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Firozabad News: ठेके में बनवाए जा रहे लाइसेंस, फीस से ढाई गुना वसूला जा रहा शुल्क

Tue, 30 Jan 2024 12:49 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में बिना सुविधा शुल्क के लाइसेंस बनाना आसान नहीं है। तत्कालीन डीएम ने ऐसे मामलों पर रोकथाम के लिए कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते दलालों पर शिकंजा नहीं कस पाया है। आवेदक भी कम समय और बिना सिरदर्दी के काम होने के चलते दलालों से ही संपर्क करते हैं। यहां सक्रिय कमीशन एजेंटों को भीतर सीधे संपर्क रहता है। इसके कारण सरकारी फीस से ढाई गुना अधिक शुल्क आवेदकों से वसूला जा रहा है। मौजूदा समय में एआरटीओ कार्यालय में रोजाना 100 लर्निंग और 50 स्थाई लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि लर्निंग लाइसेंस की फीस 350 और स्थाई लाइसेंस बनाने की सरकारी फीस 1000 रुपये है, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था दलालों के हवाले है। लर्निंग लाइसेंस बनाने में एक हजार से 1500 रुपये लिए जाते हैं। वहीं परमानेंट लाइसेंस में दो हजार से 2500 रुपये लिए जा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से लाइसेंस बनाने का यह खेल अरसे से चल रहा है, लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इनसे लिया गया अतिरिक्त शुल्क
शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस बनवाने का कार्य सुबह 10 बजे से शुरू हो गया था। यहां आए आवेदकों से जानकारी की। रजावली क्षेत्र के हिडोकरिया निवासी सनी ने बताया कि उसने कमीशन एजेंट के जरिए लाइसेंस बनवाया है। पूरा ठेका दिया है, जिसमें 4000 रुपये में बात तय हुई है। उस न तो कोई टेस्ट देना होगा और न ही ट्रैक पर गाड़ी चलानी होगी। इसी तरह सिरसागंज निवासी विशाल ने बताया कि उसने स्थाई लाइसेंस बनवाने के लिए 2500 रुपये दिए हैं। क्योंकि अगर गाड़ी चलाते समय उसे फेल कर दिया गया, तो लाइसेंस नहीं बन पाएगा। शिकोहाबाद निवासी देवेश यादव ने बताया कि उसने लर्निंग और स्थाई लाइसेंस दोनों काम का ठेका दिया है। जिसमें उसने 4000 रुपये दिए हैं। अब्बासपुर निवासी संदीप से भी 4000 रुपये लिए गए हैं।




खामियां निकालकर रिजेक्ट किए गए कई लाइसेंस
शनिवार को आवेदकों द्वारा अपने ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन जुगाड़ के जरिए सुविधा शुल्क देकर कराया था। आवेदकों द्वारा अतिरिक्त शुल्क की बात बाहर बताने की जानकारी होते ही कई लाइसेंसों के आवेदनों को खामियां निकालकर रिजेक्ट कर दिया गया।
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-कार्यालय में इस तरह का कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा। अगर कोई शिकायत करता है या ऐसा कोई मामला संज्ञान में आता है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सिद्धार्थ यादव, एआरटीओ प्रशासन
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