गांव ऐलई में पेयजल टंकी के प्रदूषित पानी को पीने से डायरिया फैल गया। डायरिया से दो दिन में दो बच्चियों की मौत हो चुकी हैं। वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे, युवा और बुजुर्ग बीमारी की चपेट में हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग महज खानापूर्ति कर रहा है। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश है। गुरुवार को ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
थाना नगला सिंघी के गांव ऐलई स्थित पेयजल टंकी का पानी प्रदूषित हो गया है। टंकी का पानी पीने से गत मंगलवार को डायरिया फैल गया। गांव में कई बच्चे बीमार हो गये। बीमारी के कारण गांव के ही मुकेश कुमार की दो पुत्रियां पिंकी (5) और कुंती (4) की हालत बिगड़ गई। इस पर मुकेश ने दोनों बच्चियों को रात में गांव में ही झोलाछाप से दवा दिला दी। झोलाछाप की दवा से बच्चियों की हालत और अधिक बिगड़ गई और रात में ही दोनों बच्चियों की मौत हो गयी। वहीं गांव के ही अन्य दो बच्चों की हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उन्हें टूंडला लाए, जहां से उन्हें फीरोजाबाद रेफर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में डायरिया की चपेट में आने से बच्चे और बुजुर्गों की हालत खराब है। स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी दी गई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मात्र एएनएम दूसरे दिन आकर पैरासीटमॉल दवा वितरित कर चली गयी। इस दवा से किसी भी मरीज को राहत नहीं मिली। गुरुवार को बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य में लाभ न होने पर ग्रामीण भड़क गये। ग्रामीणों एकत्रित हो स्वास्थ्य विभाग की टीम के विरूद्ध नारेबाजी शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में विजय सिंह, धर्मवीर सिंह, सोनू कुमार, लालता प्रसाद, दाताराम, रामबरन सिंह, पुष्पा देवी, गुड्डी देवी, जय देवी, कमलेश, भूदेवी आदि प्रमुख रहे।
गांव में लगी पेयजल टंकी से डायरिया फैला है। टंकी से पानी पीने वाले क्षेत्र के लोग डायरिया से प्रभावित हुए हैं। सूचना मिलते ही बुधवार को गांव में दो चिकित्सकों की देखरेख में टीम गई थी। प्रभावित सभी मरीजों को दवा वितरित की गई और टंकी में ब्लीचिंग पाउडर डलवाया गया था। ग्राम प्रधान से टंकी साफ करवाने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों का आरोप निराधार है। गुरुवार को भी डा. संजय के नेतृत्व में टीम ने दवाएं वितरित की। एक बच्ची की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
डा. संजीव वर्मा
अधीक्षक-सीएचसी, टूंडला