ताज ट्रिपेजियम जोन में बढ़ते प्रदूषण को लेकर लगातार शिकायतों का दौर चल रहा है तो दूसरी ओर पर्यावरण में सुधार को लेकर अफसर गंभीर नजर आ रहे हैं। पर्यावरण में सुधार के लिए मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बड़ी कांच इकाइयों की चिमनियों पर फिल्टर स्क्रबर लगवाने के निर्देश दिए हैं।
सुहागनगरी के परंपरागत कांच उद्योग पर बढ़ते प्रदूषण एवं क्षमता वृद्धि को लेकर लगातार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण और क्षमता वृद्धि सहित अन्य बिंदुओं को लेकर बाहरी औद्योगिक संगठनों द्वारा कांच उद्योग के खिलाफ पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, संसदीय कमेटी, एनजीटी सहित अन्य स्थानों पर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। सुहागनगरी में बढ़ता प्रदूषण का मानक कांच उद्योग के लिए बड़ी समस्या है। इससे कांच उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। टीटीजेड में प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर नीरी से जांच कराई जा रही है। हालांकि नीरी द्वारा अभी तक फाइनल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा सकी है। एनजीटी के निर्देश पर संयुक्त टीम भी सुहागनगरी में प्रदूषण के वास्तविक कारणों पर जांच कर चुकी है, लेकिन एनजीटी, पर्यावरण मंत्रालय, टीटीजेड अथॉरिटी को नीरी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इधर प्रदूषण के ग्राफ में इजाफा न हो यह चिंता भी अफसरों को सता रही है। टीटीजेड अथॉरिटी अध्यक्ष, मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने पर्यावरण में सुधार के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सुहागनगरी की बड़ी इकाइयों की चिमनियों पर फिल्टर स्क्रबर लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों का भी मानना है कि यदि बड़ी कांच इकाइयों में फिल्टर स्क्रबर स्थापित कर लिए जाएं तो पर्यावरण सुधार की दृष्टि से उचित होगा। साथ ही मंडलायुक्त ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए हैं कि नीरी से रिपोर्ट अतिशीघ्र प्राप्त कर प्रस्तुत की जाए, जिससे कांच उद्योग के खिलाफ होने वाली शिकायतें पर विराम लग सके।
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कांच इकाइयों का टर्नओवर, बंद इकाइयों की मांगी रिपोर्ट
सुहागनगरी की कांच इकाइयों का टर्नओवर सहित बंद इकाईयों के संबंध में भी मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा है कि कांच इकाइयों के प्रत्यावेदन का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि इकाइयों का टर्नओवर क्या है? इकाइयां कितना ट्रेड टैक्स का भुगतान करती हैं तथा कौन-कौन सी इकाइयां किन कारणों से बंद हैं?