नारायण डिग्री कॉलेज की कृषि भूमि में लहलहाती फसल। सोर्स संवाद
शिकोहाबाद। कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल के लिए नारायण डिग्री कॉलेज की 100 बीघा भूमि का भी जमकर दुरुपयोग किया गया। प्रबंध समिति ने कई बीघा भूमि को मात्र 2.10 लाख रुपये सालाना पर एक व्यक्ति को तीन वर्ष के लिए लीज पर दे दिया। प्राचार्य बताते हैं कि कृषि भूमि से होने वाली आय का लाखों रुपये पिछले सात वर्षों से महाविद्यालय के कृषि संकाय विभाग के खाते में जमा नहीं कराया गया है। जिसके लिए नोटिस भी दिया गया है।
नारायण डिग्री कॉलेज के पास कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं के प्रेक्टिकल के लिए लगभग 135 बीघा कृषि भूमि है। महाविद्यालय के सूत्र बताते हैं कि इस भूमि का कुछ हिस्सा पीएचडी के छात्र-छात्राओं के शोध के लिए छोड़ दिया गया है। प्रबंध समिति के अनुमति पत्र के अनुसार प्रबंध समिति के प्रबंधक एलसी मेहरा एवं सचिव वीके चतुर्वेदी ने कृषि भूमि को अजय कठेरिया निवासी गांव लुधावली, पोस्ट सराय मुरलीधर तहसील सिरसागंज के नाम गत 25 जुलाई 2024 को आगामी तीन वर्षों के लिए सशर्त 2.10 लाख रुपये सालाना पर दिया था। सूत्र बताते हैं कि लगभग 100 बीघा भूमि को लीज पर दिया गया है।
प्राचार्य प्रो. विजय कुमार बताते हैं कि अब तक किसी भी व्यक्ति ने पिछले सात वर्षों से एग्रीकल्चर विभाग के खाते में आय को जमा नहीं किया है, जोकि लगभग 15 लाख रुपयों के आसपास है।
महाविद्यालय के एग्रीकल्चर फर्म के खाते में पिछले सात वर्षों से कृषि भूमि की आय का एक भी रुपया जमा नहीं किया गया। अगर किसी अन्य खाते में यह रुपया जमा भी किया गया है, तो वह गलत है। हमने इसके लिए पूर्व में प्रबंध समिति को नोटिस भी दिया था। जिसका अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, एनडी कॉलेज, शिकोहाबाद