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सीटी स्कैन मे कोविड, फिर नहीं कर रहे भर्ती

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फिरोजाबाद। सीटी स्कैन में कोविड की पुष्टि होने के बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट को मानक बताकर ऐसे मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है तो निजी अस्पतालों में भी इन्हें उपचार नहीं मिल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में इलाज का पैमाना सिर्फ आरटीपीसीआर रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित होना है। यहां सीटी स्कैन में कोविड की पुष्टि होने के बावजूद मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। हालांकि प्रतिदिन 15-20 मरीज सीटी स्कैन लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। इलाज के अभाव में अधिकांश मरीज दम तोड़ रहे हैं।
केस एक
गंज मोहल्ला में इटावा से अपनी रिश्तेदारी में आई 55 वर्षीय महिला की तबियत बिगड़ी तो रिश्तेदारों ने उसका सीटी स्कैन कराया। इसमें कोविड की 5वीं स्टेज की पुष्टि हुई। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे और सीएमएस से बात की। सीएमएस ने स्पष्ट मना कर दिया कि बाहरी मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। तीमारदार मरीज को तड़पता देखने को मजबूर हैं।
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केस दो
- एक 70 वर्षीय वृद्ध ने तबियत बिगड़ने पर सीटी स्कैन कराया तो रिपोर्ट में कोविड की पुष्टि हुई। निजी अस्पताल ने वृद्ध को भर्ती करने से मना कर दिया। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हालांकि यहां वृद्ध के आधार कार्ड में मैनपुरी का पता होने पर उसे भर्ती नहीं किया गया। मरीज काफी समय तक अस्पताल के बाहर तड़पता रहा। हालांकि बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मरीज को भर्ती किया गया।
बाहर के मरीज नहीं किए जा रहे भर्ती
फिरोजाबाद। चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकारी व्यवस्था बेरहम हो गई है। यदि कोई मरीज अपनी रिश्तेदारी में दूसरे जनपद से आया है अथवा लंबे समय से जनपद में रुका है और उसकी तबियत खराब हो जाती है तो मेडिकल कॉलेज में भर्ती नहीं किया जा रहा है।
इसके बाद वह कोरोना पॉजिटिव ही क्यों न हो? मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ .आलोक कुमार का कहना हैं कि बाहरी मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में जगह नहीं है। यहां तक कि कई लोग सीएमएस डॉ .आलोक कुमार द्वारा फोन न उठाने की शिकायत भी करते हैं।
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