कोटला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अनियमितताओं की शिकायत पर जांच करने के लिए शासन से दो सदस्यीय टीम फीरोजाबाद पहुंची। टीम ने मंगलवार और बुधवार को रिकार्ड खंगाले। कुछ अभिलेखों को टीम साथ लेकर चली गई। तत्कालीन एमओआईसी पर अनियमितताएं बरतने के आरोप लगे हैं।
कोटला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले वर्षों में हुई अनियमितताओं की खबर शासन तक पहुंच गई है। शासन में हुई शिकायत के बाद लखनऊ से आई ऑडिटर टीम ने जिले में दो दिन तक डेरा डालकर मंगलवार और बुधवार को अभिलेखों को खंगाला। शिकायत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पूर्व एमओआईसी कोटला डॉ योगेंद्र सिंह (वर्तमान में दीदामई पर तैनात हैं) पर लगे हैं। उन पर रोगी कल्याण समिति के खाते में, आशा भुगतान के अलावा जनरेटर के खर्चे में गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। डॉ योगेंद्र पहले भी कई बार चर्चित रहे हैं। तत्कालीन जिलाधिकारी विजयकिरन आनंद ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन्हें कोटला स्वास्थ्य केंद्र से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें कोटला से हटाकर दीदामई भेज दिया गया है। सीएमओ डॉ पुष्पकर आनंद ने बताया कि टीम निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
एक स्वास्थ्य केंद्र जांच के घेरे में
विभागीय लोग बताते हैं कि जिले की एक और सीएचसी जांच के घेरे में है। इस सीएचसी के खिलाफ भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत और इसकी जांच भी लखनऊ से प्रस्तावित है। इस सीएचसी की जांच के लिए लखनऊ से जिले में टीम आने वाली है।