60 फीट के बोरवेल के गड्ढे में गिरे मासूम किशन को प्रशासन ने 18 घंटे की मशक्कत के बाद बाहर तो निकाल लिया लेकिन इलाज के नाम पर चिकित्सकों ने जो बर्ताव किया वह शर्मसार करने वाला था। फीरोजाबाद के जिला अस्पताल में इलाज के बाद किशन को आगरा की एसएन इमरजेंसी में भेजा गया लेकिन डाक्टरों ने उसे बैरंग लौटा दिया। मासूम की हालत देखकर भी उनका दिल नहीं पसीजा। बाद में परिवारीजनों ने उसे फिर से जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके सीने और फेफड़ों में संक्रमण है।
गौरतलब है कि सिरसागंज के गांव कमरपुर बैजुआ निवासी ब्रजेश का दो वर्षीय पुत्र किशन शुक्रवार दोपहर करीब 12.40 बजे बोरवले के 60 फीट गड्ढे में गिर गया था। इसकी जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और किशन को सकुशल बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। करीब 18 घंटे के अथक प्रयास के बाद शनिवार सुबह 58 फीट की खुदाई कर सुरंग बना कर उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान डीएम से लेकर सभी अधिकारी दिन रात एक किए रहे। तुरंत ही जिले के चिकित्सकों ने उसे उपचार दिया और जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया। सीने और फेफड़े में संक्रमण के चलते उसे जिला अस्पताल से आगरा की एसएन इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस से भेजा गया। जब किशन के परिवारीजन उसे लेकर एसएन मेडिकल कालेज पहुंचे तो चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। उनसे प्राइवेट अस्पताल में दिखाने को कहा गया। उसका ओपीडी का पर्चा तक नहीं बनाया गया। लाख मिन्नतों के बाद भी जब किशन का इलाज शुरू नहीं किया गया तो परिवारीजन उसे लेकर लौट आए। बच्चे को बिलखता देख उसे फिर से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज शुरू किया गया। किशन की दादी पुष्पादेवी का कहना है कि जीवन देने वाले भगवान को किसी ने नहीं देखा पर जीवन बचाने वाले चिकित्सकों के बर्ताव से वह आहत हैं। उन्होंने कहा जिला प्रशासन ने जितनी मेहनत की उससे ज्यादा दुत्कार उन्हें एसएन इमरजेंसी में मिली।
किशन का हाल पूछने अस्पताल पहुंचे जनप्रतिनिधि
फीरोजाबाद। बोरवेल से सकुशल निकले मासूम किशन का हाल चाल पूछने को जनप्रितिनिधि और समाजसेवी अस्पताल पहुंचते रहे। नगर विधायक मनीष असीजा ने मासूम का हाल चाल जाना। इसके अलावा व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष महेश पूरन और महामंत्री अमित गुप्ता ने भी परिवारीजनों से बात की। बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर योगेश प्रताप सिंह बघेल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव, कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रकाश निधि गर्ग आदि भी अस्पताल पहुंचे।