हजरत शाह सूफी रहमतउल्ला अलह की दरगाह की पर चादर चढ़ाने गए किशोर और महिलाओं पर बदमाशों ने हमला बोल दिया। मारपीट करते हुए नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। सूचना पर परिवारीजन और सपा नेता मौके पर पहुंच गए। पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी पर कई थानों का फोर्स जिला अस्पताल पहुंच गया।
दक्षिण कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नक्कारची टोला बाजे वाली गली निवासी रेश्मा (45) पत्नी हाजी गुलजार अपने पुत्र मोहम्मद रजा (17), उजवा (12) और सादान (14) पुत्र ताज मोहम्मद, शाहरुख (18) पुत्र शाबिर और शबनम (30) पत्नी रियारजउद्दीन के साथ हजरत शाह सूफी रहमतउल्ला अलह की दरगाह पर चादर चढ़ाने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे गए थे। बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के बाद सभी लोग दरगाह के पिछले गेट से नीचे उतरे। तभी पांच-छह बदमाशों ने इन्हें पकड़ लिया और लूटपाट शुरू कर दी। किशोर और महिलाओं ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई कर दी। बदमाश महिलाओं और किशोरों के पास रखे मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये की नकदी लूटकर भाग गए। पीड़ितों ने परिवारीजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी पर सपा नेता हिकमतउल्ला खां क्षेत्रीय लोगों के साथ मौके पर पहुंच गए और बसई मोहम्मदपुर थाना पुलिस को सूचना देेकर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना के काफी समय बाद भी बसईमोहम्मदपुर थाने का फोर्स जिला अस्पताल नहीं पहुंचा। इस पर पीड़ितों के परिवारीजनों के साथ सपा नेताओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने घटना की जानकारी एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव को दी। इस पर सीओ सिटी राजेश चौधरी, कोतवाल उत्तर, दक्षिण, रामगढ़ और रसूलपुर थानाध्यक्ष के साथ क्यूआरटी के जवान भी जिला अस्पताल आ गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
उत्तर पुलिस ने कराए मेडिकल
सूचना के करीब दो घंटे बाद भी बसईमोहम्मदपुर पुलिस घायलों का मेडिकल कराने जिला अस्पताल नहीं पहुंची। इसको लेकर भी लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश था। हालांकि बाद में सीओ सिटी के निर्देश पर उत्तर पुलिस ने मजरूमी चिट्ठी तैयार करा घायलों का मेडिकल कराया।