जसराना (फिरोजाबाद)। सेंगर नदी का सोमवार को जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांव की सैकड़ों बीघा खेतों में पानी भरने से फसल जलमग्न हो गई। पानी में डूबी फसलों को देखकर नदी के आसपास के गांव निवासी किसानों के माथे पर बल पड़ गए।
किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता रहे। इसके लिए नगर विधायक मनीष असीजा ने सेंगर नदी के साथ सिरसा नदी की भी सफाई कराई थी। जसराना के विलासपुर, नगला खजुरिया, नगला गेंहू, नगला पटिया, प्रानपुर, नगला पूछरी, अतुर्रा, नगला लालजीत आदि गांवों में होकर सेंगर नदी आगे तक जाती है। सेंगर नदी में मौजूद पानी से लोग अपने खेतों की सिंचाई करते हैं।
झालगोपालपुर नहर से सिंचाई विभाग ने नदी में 50 क्यूसेक पानी छोड़ दिया। जिससे रात्रि में सेंगर नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से पानी खेतों में चला गया। खेतों में पानी बढ़ने से सैकड़ों बीघा खेती जलमग्न हो गई है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा। किसानों ने अपनी फसल में मूंग, उर्द, गेहूं, मक्का के साथ धान की पौध रौप रखी है। लेकिन खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान होने की संभावना से ही किसान परेशान हो गए।
-प्रानपुर निवासी अमलेश राजपूत ने कहा सेंगर नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा खेती जलमग्न हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी उत्पादक किसानों को होगा। दलहन की फसल बर्बाद हो जाएगी।
-किसान वेदसिंह ने कहा नदी का पानी खेतों में भर गया है। जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। अगर नदी का पानी एक या दो दिन में खेतों से नहीं निकला तो नदी के आसपास के किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी।
-प्रानपुर निवासी अरुण कुमार ने कहा नदी की सफाई होने के कारण जब भी नदी में जलस्तर बढ़ता है तो इसी तरह से पानी खेतों में भर जाता है। खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
-नदी की सफाई कराने के साथ ही नदी में करीब 50 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। नदी की चौड़ाई करीब दस मीटर है। लेकिन कुछ स्थानों पर किसानों ने नदी की भूमि पर कब्जा कर लिया है। नदी की चौड़ाई कम होने से खेतों में पानी भर गया। -रविंद्र कुमार, अवर अभियंता सिंचाई विभाग