योगेश की गिरफ्तारी के बाद से उसके पिता रामकिशोर का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। मां सुनीता ने बताया कि रविवार (8 फरवरी) सुबह जब दिल्ली पुलिस योगेश को गिरफ्तार कर ले जा रही थी, तब रामकिशोर उनके पीछे-पीछे गए थे, लेकिन उसके बाद से घर नहीं लौटे। सुनीता ने बेटे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा, मेरा बेटा बेकसूर है, वह सिर्फ सीवर का गड्ढा खोदने का काम करता था।
पुलिस ने मामले में खानापूर्ति की है। हमारे पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि हम कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट सकें। अविवाहित योगेश एक माह पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में फिरोजाबाद की ग्लास फैक्टरी से काम छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गया था। पति रामकिशोर भी एक फैक्टरी में श्रमिक हैं।
दिल्ली पुलिस का दावा- हादसा देखकर भागा था योगेश, नहीं दी पुलिस को सूचना
दिल्ली पुलिस का योगेश को लेकर दावा है कि वह हादसे के समय मौके पर मौजूद था। योगेश ने हादसा देखा और सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फोन पर जानकारी भी दी थी। जब मृतक कमल का भाई करण रात 1:30 बजे मौके पर पहुंचा, तो योगेश ने उन्हें गलत जानकारी देकर गुमराह किया कि उसे कुछ नहीं पता। परिवार को गुमराह करने के तुरंत बाद योगेश मौका-ए-वारदात से भागकर फिरोजाबाद जाकर अपने घर छिप गया था।
बेहद गरीबी में जी रहा परिवार
योगेश के घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। अविवाहित योगेश तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई गजेंद्र है, और उससे छोटी बहन नीलम है, जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार लाइनपार थाना क्षेत्र के नगला विष्णु इलाके में पथवारी माता मंदिर के पास रहता है। पक्के घर के नाम पर बाउंड्रीवाल खड़ी हैं। एक कमरा बना है, जिसकी छत सीमेंट टीन की है। बाकी हिस्सों पर छत भी नहीं पड़ी है।
दिल्ली पुलिस द्वारा योगेश की गिरफ्तारी की गई है। उसके पिता के लापता होने के बाद पुलिस को कोई जानकारी परिजन ने नहीं दी है। अगर, कोई तहरीर देता है तो उनकी तलाश कराई जाएगी। - रविशंकर प्रसाद, एसपी सिटी