सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, घेर खोखल की शिखरों पर कलशारोहण विधि-विधान से किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। कलशों की शुद्धि के लिए धार्मिक अनुष्ठान किए गए। संगीतमय ध्वनि पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। नजारा पूरी तरह भक्तिमय दिखा। समारोह में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह श्रीजी का विधिविधान से प्रछाल एवं पूजन किया गया। जाप्य अनुष्ठान एवं वेदमंत्रों के साथ कलशों की शुद्धि की गई। तीन शिखरों पर नौ-नौ खंडों में 27 श्रद्धालुओं ने कलशों की स्थापना की। प्रथम शिखर पर पांडेय प्रदुमन कुमार, नंदीश्वर जैन, द्वितीय शिखर पर पांडेय शांतराज जैन, तीसरे शिखर पर प्रेमचंद्र, मनीष जैन ने मुख्य कलश चढ़ाए। तीनों ही शिखरों पर सवा नौ फुट की स्वर्णमयी पताका की स्थापना की गई। पांडेय अंकुर जैन, सोमकुमार जैन और अनुराग जैन दिल्ली ने पताका की स्थापना की। पंडित राजेश जैन और नवीन जैन जयपुर ने गाजे-बाजे के साथ पूजन कराया। अध्यक्ष पद्मचंद्र जैन, संजीव कुमार जैन, मनीष जैन, नंदीश्वर जैन, सुनील बंसल, दीपक जैन, अनेश जैन, जयचंद्र जैन आदि लोग उपस्थित रहे।
फरिहा में मुनि ससंघ का जगह-जगह हुआ स्वागत
फरिहा (ब्यूरो)। सुहागनगरी से विहार करके गए मुनि विनम्र सागर महाराज ससंघ का कस्बा फरिहा में गाजे-बाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ। मुनिश्री सुबह आठ बजे कस्बे में पहुंचे, श्रद्धालुओं ने आरती एवं पाद प्रक्षालन करके उनका स्वागत किया। बढ़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुनि महाराज छोटा जैन मंदिर और बड़ा जैन मंदिर पर दर्शन के लिए पहुंचे। बाद में मुनि ससंघ तीर्थक्षेत्र मरसलगंज में विहार किया। अरविंद प्रताप जैन, जितेंद्र जैन, प्रिंस जैन, विमल जैन, पवन जैन, अनिल जैन, रानू जैन, प्रज्वल जैन, भोले जैन, शिवम आदि उपस्थित रहे।