शहर की घनी आबादी के बीचोंबीच खत्ताघर पर कूड़ा डालने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। सामाजिक संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को शपथ-पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले में 30 जनवरी को सुनवाई होनी है।
जलेसर रोड चौराहे के निकट वर्षों पुरानी नगर निगम की जमीन है। शहर में कहीं कूड़ा डंपिंग स्थल न होने के कारण नगर निगम द्वारा यहां वर्षों से कूड़ा डलवाया जा रहा है। हालांकि यह क्षेत्र घनी आबादी वाले क्षेत्रों में है। शहर का प्रमुख गोपाल आश्रम मंदिर भी है। इसके बावजूद निगम द्वारा यहां कूड़ा डलवाया जा रहा है। क्षेत्रीय जनता द्वारा खत्ताघर को साफ कराने के लिए नगर निगम अफसरों से कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जनता की समस्या के मद्देनजर नागरिक कल्याण समिति द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को शपथ-पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। शपथ-पत्र दाखिल करने के बाद 30 जनवरी को सुनवाई होगी।
उधर, दुकानदार प्रवीन कुमार का कहना है कि यहां पिछले सालों से मैं लगातार दुकान कर रहा हूं। दुकान के सामने खत्ताघर होने से दिनभर दुर्गंध उठती है। बॉबी ने कूड़ा डालने से दुर्गंध के साथ ही संक्रामक रोग फैलने का डर बना रहता है। पवन अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों से कूड़ा डालने की मना करने पर वे झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।