कारखानेदारों द्वारा चूड़ी के तोड़े पर की गई मूल्यवृद्धि के विरोध में चूड़ी दुकानदार संघर्ष समिति के बैनर तले व्यापारियों ने डीएम को पांच बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियाें ने कहा कि कारखानेदारों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा तो चूड़ी उद्योग बर्बाद हो जाएगा।
महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि कारखानेदारों द्वारा मनमाने ढंग से मूल्यवृद्धि की जा रही है। गैस के नाम पर नवंबर में छह रुपये तोड़ा बढ़ा दिए। चूड़ी कारखानों को गैस पर सरकार द्वारा सब्सिडी मिलती है। इसके बाद भी कारखानेदार बहानेबाजी कर मूल्यवृद्धि कर देते हैं। ऐसे में कारोबार ठप होता जा रहा है।
अत: मूल्यवृद्धि तत्काल वापस ली जाए। सौरभ बंसल ने कहा कि चूड़ी में लाल रंग का तोड़ा बनाने में प्रयोग होने वाले सिलेनियम रेट 14000 से घटकर तीन हजार रुपये किलो रह गया है। इसके बाद भी कारखानेदारों द्वारा 10 रुपये तोड़ा लाल रंग का फर्क आज भी लिया जा रहा है। चूड़ी तोड़ों के रंगों का फर्क लेना बंद किया जाए।
अजय अग्रवाल ने कहा कि कारखानेदारों द्वारा माल खरीदने पर पक्का बिल नहीं दिया जाता। हाजी अली सिद्दीकी ने कहा कारखानेदारों द्वारा मूल्यवृद्धि के बाद भी घटिया क्वालिटी का माल खरीदने को मजबूर किया जाता है। यदि कोई दुकानदार विरोध करता है, तो कारखानेदार माल देना बंद कर देते हैं। कारखानेदारों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को बंद कराया जाए। समस्याओं के समाधान को प्रशासनिक अधिकारी रिसीवर के रूप में नियुक्त किया जाए।
नईम खान ने मांग की जिस प्रकार उद्योग बंधु, व्यापार मंडल की बैठकें होती हैं, उसी प्रकार चूड़ी दुकानदारों की मासिक बैठक की जाए। इससे दुकानदार अपनी समस्याओं के निराकरण में प्रशासन की मदद ले सकें गे। ज्ञापन देने वालों में नगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, रोहित सिंह, हाजी अली, नईम खान, आमिर नवाज, प्रदीप कैला देवी, राजीव गुप्ता, कमलेश शर्मा, वीरेंद्र गर्ग, सौरभ बंसल, प्रशांत माहेश्वरी, पंकज मिश्रा, उमेश शर्मा आनंद अग्रवाल आदि प्रमुख रहे।