फिरोजाबाद। किस्त बढ़ती गई और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या लगातार घटती गई। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रथम किस्त जिले के पौने तीन लाख किसानों के खाते में भेजी गई थी। लेकिन 15वीं किस्त एक लाख तीन हजार 308 किसानों के खातों में पहुंची है। सवाल यही कि विभाग के अधिकारी किसानों की बैंक एकाउंट के साथ-साथ खतौनी लिंक करने का काम पूरा नहीं करा पा रहा हैं। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों के बैंक एकाउंट में पांच सौ रुपये प्रतिमाह की दर से चार माह बाद दो हजार की किस्त भेजी जाती है। इस योजना की शुरुआत होने से लेकर अभी तक 15 किस्तें किसानों के खातों में भेजी गई हैं। सबसे खास बात यह है कि जैसे-जैसे किस्त आगे बढ़ती जा रही है। किसानों की संख्या में वैसे-वैसे कमी होती जा रही है। जिले में कृषि भवन से जब जिले में किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की किस्तवार ब्योरा की डिटेल निकाली गई तो तथ्य काफी चौंकाने वाले सामने थे। पहली किस्त दो लाख 75 हजार 514 किसानों को सम्मान निधि भेजी थी। लेकिन 15वीं किस्त मात्र एक लाख तीन हजार 308 किसानों के खातों में भेजी है।
1.75 लाख किसानों के कैसे कट गए नाम
सवाल इस बात का है कि जब पहली किस्त पौने तीन लाख किसानों के बैंक खाते में भेजी गई थी। तो फिर 15वीं किस्त भेजते-भेजते 1.75 लाख के करीब किसानों के नाम आखिर कैसे कम हो गए। क्या इनके बैंक खाते आधार से लिंक नहीं थे या फिर इनकी खतौनी को विभाग लिंक नहीं करा सका। यह तो विभाग के जिम्मेदार अफसर ही जानें।
किसानों को मिली सम्मान निधि प्रथम किस्त-275514
द्वितीय किस्त-263081
तृतीय किस्त-261217
चतुर्थ किस्त-254679
पांचवी किस्त-238373
छटवीं किस्त-233420
सांतवी किस्त-228910
आठवी किस्त-220379
नौंवी किस्त-208879
दसवीं किस्त-197369
ग्यारहवीं किस्त-186758
बारहवीं किस्त-153884
तेरहवीं किस्त-139373
चौदहवीं किस्त-126934
पंद्रहवीं किस्त-103308
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-प्रथम किस्त में आवेदन करने वाले सभी किसानों को किसान सम्मान निधि जारी कर दी गई थी। इसके बाद इनकम टैक्स पेयर, एक किसान परिवार में एक व्यक्ति को लाभ देने सहित आधारकार्ड के लिंक नहीं होने के कारण किसानों की संख्या में कमी आई है।
सतेंद्र प्रताप सिंह, उप निदेशक कृषि