फिरोजाबाद। नगर मजिस्ट्रेट के निर्देशन में मंगलवार को शहर के पटाखे की दुकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान शहर के सत्ताधारी दल के नेता व विहिप से जुड़े कार्यकर्ताओं की दुकानों को प्रशासन व पुलिस के अफसरों ने अभयदान दिया। छापेमारी के दौरान दो दुकानदारों के मामले डीएम न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उनको बंद करा दिया। जबकि एक विहिप के जिले के पदाधिकारी की दुकान संचालक को महज चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसे लेकर अन्य दुकानदारों में रोष है। जबकि कई व्यापारियों को जैसे ही दुकान पर छापेमारी की जानकारी हुई वह दुकान बंद करवा दी। हालांकि इन लोगों ने शाम को चुपचाप दुकान खोलकर पटाखों की बिक्री की। दिवाली के त्योहार पर शहर में खुली पटाखे की दुकानों की चेकिंग मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार, सीओ सिटी कमलेश कुमार, सीएफओ सत्येंद्र कुमार पांडेय, एफएसओ दुर्गेश कुमार के साथ की। उन्होंने जलेसर रोड पर कृष्णा क्रेकर्स के मोंटू उपाध्याय व कोटला रोड पर स्थित नेहा क्रेकर्स के संचालक रविकांत शर्मा की दुकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उसको बंद करने के आदेश दिए। जबकि अनुराधा क्रेकर्स पर नवीनीकरण नहीं दिखाए जाने के बाद भी दुकानदार को महज चेतावनी देकर छोड़ दिया। दुकान को बंद नहीं कराया।
टापाखुर्द स्थित नेहा इंटर प्राइजेज के गोदाम की भी चेकिंग की। दखल स्थित लक्ष्मी क्रेकर्स के संचालक लक्ष्मीकांत शर्मा की दुकान का नवीनीकरण 31 मार्च 2024 तक का था। एफएसओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि पवित्रा क्रेकर्स के संचालक फजलेंद्र पाराशर के लाइसेंस का नवीनीकरण था। वहीं नगला मिर्जा स्थित धनंजय क्रेकर्स के संचालक दिग्विजय शर्मा व लहरी कंपाउंड स्थित गुरुकृपा केकर्स के संचालक अंबेश शर्मा का मामला डीएम न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस प्रशासन की ओर से छापेमारी किए जाने के कारण कई दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके चले गए।
नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार ने कहा कि दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए पटाखे की दुकानों पर चेकिंग की गई थी। वहां पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम है कि नहीं। दो दुकानों पर खामी मिलने पर उनको बंद कराया गया है।