बढ़ते तापमान के साथ बीमारियों ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में डायरिया, फूड प्वाइजनिंग, उल्टी दस्त के मरीज भर्ती हो रहे हैं। इस मौसम में पानी का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यही मरीजों को बीमार करता है।
बढ़ते तापमान के साथ संक्रमण के मरीज भी बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि दूषित पानी और खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों से पैदा होने वाली जलजनित बीमारियां सबसे आम होती हैं। लू, डिहाइड्रेशन, बुखार, पेट की बीमारियों के मरीज ही सबसे ज्यादा आ रहे हैं। बुखार, टायफायड, खांसी, नाक बहना और आंखों का लाल होना जैसी परेशानियां भी होती हैं। इस रोग से बचने के लिए बच्चों को एमएमआर के टीके लगाने चाहिए। गर्मियों में होने वाली बीमारियां अक्सर दूषित पानी, खाने से होती हैं। इसलिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। फूड प्वाइजनिंग बासी भोजन अथवा गंदे पानी से होती है।
ये बरते सावधानियां
- रखे और खुले भोजन का प्रयोग न करें।
- बाजार में बिक रही बर्फ, गन्ने का जूस से बचे।
- बाजार में बिक रहे कटे फलों को न खाएं।
- पानी को खुला न रखें।
- उल्टी, दस्त होने पर नमक, चीनी का ओआरएस घोल बनाएं।
जिले में डायरिया की दवाएं पूरी हैं। सीएचसी-पीएचसी पर दवाएं पहुंचा रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में कहीं डायरिया होता है तो हमारी टीम इलाज करने को जाएगी। जिला अस्पताल में जल्द ही दो वार्ड तैयार हो रहे हैं। उन्हें संक्रामक वार्ड के रूप में स्थानीय तौर के लिए कर दिया जाएगा।
- डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
सीएम के 22 घंटे देने के आदेश, मिल रही दस घंटे ही
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही विद्युत विभाग को शहरी क्षेत्र में 22 और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक बिजली का गंभीर संकट बना हुआ है। सुबह से कभी नियमित कटौती, मेंटीनेंस तो कभी फाल्ट के नाम पर हर रोज घंटों तक बिजली काटी जा रही है।
पेय पदार्थों की बढ़ी डिमांड
तापमान बढ़ने के साथ ही बाजार में पेय पदार्थों की मांग बढ़ रही है। अधिकांश लोग घर से पानी की बोतल लेकर निकलते हैं। बस स्टैंड पर लगी वाटर एटीएम मशीन पर सुबह से शाम तक राहगीरों की भीड़ नजर आती है।