अप्रैल के मुकाबले मई में 2.07 प्रति घनमीटर बढ़े दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। डीजल और पेट्रोल की महंगाई की मार झेल रहे कांच नगरी के उद्यमियों को अब नेचुरल गैस की बढ़ती कीमतों ने तगड़ा झटका दिया है। गेल कंपनी द्वारा शनिवार को जारी किए गए मई प्रथम पखवाड़े के बिलों ने कांच और चूड़ी उद्योग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। महज 15 दिनों के भीतर गैस की कीमतों में 2.07 रुपये प्रति घनमीटर का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है।
उद्यमियों के अनुसार, अप्रैल के प्रथम पखवाड़े में गैस की कीमत करीब 35.7 रुपये प्रति घनमीटर थी। इसके बाद अप्रैल द्वितीय पखवाड़े में यह बढ़कर 37 रुपये हो गई। अब गेल ने 1 से 15 मई की अवधि के लिए 39.07 रुपये प्रति घनमीटर की दर से बिल जारी किए हैं। एक महीने के भीतर गैस के दामों में करीब साढ़े तीन रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
लागत बढ़ी, विदेशी ऑर्डर खतरे में
कांच उद्यमी हिमांशु पाराशर और सिंगराज यादव ने बताया कि नेचुरल गैस की कीमतों में बार-बार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर कांच उत्पादों की लागत पर पड़ रहा है। विशेष रूप से हस्तशिल्प आइटम निर्यात करने वाले उद्यमियों के लिए पुरानी दरों पर लिए गए विदेशी ऑर्डरों को पूरा करना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। लागत बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना भी कठिन होता जा रहा है।
चूड़ी उद्योग पर संकट के बादल
कांच चूड़ी उद्योग, जो पूरी तरह गैस पर निर्भर है, इस महंगाई से सबसे ज्यादा प्रभावित है। उद्यमियों का कहना है कि अगर गैस की कीमतों में इसी तरह इजाफा होता रहा, तो कई छोटी इकाइयों के लिए संचालन जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।