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Firozabad News: विकास के नाम पर हरे पेड़ों पर चलाई आरी, वन विभाग मौन

Fri, 27 Jun 2025 01:33 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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पेड़ काटने के दौरान लाइब्रेरी निर्माण स्थल पर पड़ी कटी हुई लकड़ियां।  - फोटो : पेड़ काटने के दौरान लाइब्रेरी निर्माण स्थल पर पड़ी कटी हुई लकड़ियां।
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शिकोहाबाद। तहसील में विकास के नाम पर एनजीटी के आदेशों को दरकिनार कर हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। नगरपालिका ने लाइब्रेरी निर्माण में बाधक बन रहे लगभग दो दशक पुराने हरे पेड़ों पर आरी चलवा दी। वन विभाग शिकायत मिलने के बाद जांच में जुट गया है।
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नगर पालिका के पीछे लाइब्रेरी का निर्माण चल रहा है। इसमें बाधक बन रहे लगभग दो दशक पुराने हरे 50 फीट ऊंचे पेड़ पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों को दरकिनार कर नगरपालिका ने आरी चलवा दी। उसे जड़ से उखाड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया। मामला सुर्खियों में आया तो नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि वन विभाग से पूछकर ही पेड़ को कटवाया गया है।
अधिशाषी अधिकारी ने जिला वन रक्षक अधिकारी के स्टेनो से बात करके बताया कि छूट प्रजाति में शामिल होने वाले हरे पेड़ों को काटने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए पेड़ को कटवाया जा रहा है। इस मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी शिकोहाबाद श्यामू सिंह ने बताया कि हमसे नगरपालिका ने कोई अनुमति नहीं ली है। ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भी नहीं किया गया है। हालांकि छूट प्रजाति में शामिल पेड़ों को काटने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। हम मामले की जांच करेंगे।
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कटी हुई लकड़ियों की जांच करेगा वन विभाग

शिकोहाबाद। लाइब्रेरी निर्माण में बाधक बन रहे हरे पेड़ों के कटान के बाद उनकी लकड़ियों का भी पता नहीं चला। वन विभाग इस पहलू की भी जांच करेगा।



इन्सेट

टीटीजेड के बाहर कटान पर एनजीटी के आदेश-

1-टीटीजेड क्षेत्र के बाहर भी कोई भी सरकारी या निजी संस्था हरे पेड़ों को बिना वन विभाग की अनुमति के नहीं काट सकती है।

2-भारतीय वन अधिनियम 1927 और सम्बन्धित राज्य सरकार के नियमों का पालन करना होगा।

3-सड़क चौड़ीकरण, निर्माण कार्य आदि के लिए पेड़ काटने से पूर्व पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) की आवश्यकता होती है।

4-एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित एजेंसियों या व्यक्ति पर प्रति पेड़ 10 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।

5-किसी भी हरे पेड़ के कटान की स्थिति में उसके बदले में कम से कम 10 नए पौधों को रोपित किया जाएगा। साथ ही 5 वर्ष तक उनका संरक्षण करने की धनराशि अधिनियम 1976 की धारा 5 एवं 7 के तहत वन विभाग को जमा की जाएगी।







शासनादेश के मुताबिक छूट प्रजाति के पेड़ों को काटने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। बावजूद इसके अन्य नियम भी हैं। मौके पर जांच कराई जाएगी कि सरकारी नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। - विकास नायक, डीएफओ, फिरोजाबाद
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