सिरसागंज को तहसील का दर्जा दिए जाने की कवायद की खबर ‘अमर उजाला’ से मिलने
के बाद कस्बे के बाशिंदों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब यहां के लोगों
को तहसील के काम के लिए अब दौड़ नहीं लगानी होगी। हालांकि पहल तो पहले कई
बार हुई लेकिन सफलता नहीं मिलने से मायूसी हाथ लगी। कसबा का व्यापारी, खेती
करने वाला किसान, वकील हो या डाक्टर हर कोई सिरसागंज में तहसील बनने की
खबर से उत्साहित है। जहां व्यापारी अपने समय की बचत को देख रहा है वहीं
किसानों का कहना है कि सिरसागंज में तहसील बनने से उनको कई योजनाओं का लाभ
समय पर मिल सकेगा।
- नगर के प्रमुख दंत चिकित्सक डा. गुरुदत्त सिंह ने कहा कि आए दिन
प्रशासनिक अफसरों से मिलने की जरूरत होती थी, तो शिकोहाबाद जाते थे। वहीं
अधिकारी मिल नहीं पाते थे। तहसील बनने से यह दिक्कत दूर होगी।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष अविनाश सिंह भोले ने कहा कि तहसील बनने से
व्यापारी वर्ग सर्वाधिक लाभान्वित होगा। लोगों को शिकोहाबाद-फीरोजाबाद तक
दौड़ लगाने से भी राहत मिलेगी। पैसा और समय दोनों की बचत होगी।
-समाजसेवी
एवं भारत विकास परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि गल्ला मंडी
को लेकर कई सूचनाएं तहसील के बनने से मिल सकेंगी। अभी गल्ला व्यापारियों
को काफी नुकसान होता है। सिरसागंज तहसील बनने से से हर व्यक्ति तक सरकारी
योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।
- समाजसेवा में अग्रणी प्रवीन
चतुर्वेदी एडवोकेट ने कहा कि सिरसागंज नगर में तहसील का निर्माण होने के
साथ क्षेत्र को एक पूर्ण प्रशासनिक अमला मिलेगा, जो नगर की सुरक्षा और
व्यवस्था को नया आयाम देगा। इससे व्यापार, लघु उघोग, प्रशासनिक कार्य,
छात्रों की मूलभूत आवश्कता और किसानों को विभिन्न समस्याओं का निदान होगा।
वकीलों ने किया समर्थन
सिरसागंज
(ब्यूरो)। सिरसागंज के वकीलों ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए शासन के कदम
का स्वागत किया। सिरसागंज के शिवेंद्र यादव, जसवंत सिंह, नरेंद्र प्रताप,
हनुमंत कठेरिया, दिलाशा राम राजपूत, प्रवीन चतुर्वेदी ने कहा सिरसागंज नगर
को सालों बाद कोई सरकार ऐसा तोहफा दे रही है। सरकार द्वारा दिया गया यह
तोहफा सिरसागंज की उन्नति की रफ्तार को एक नयी गति मिलेगी।
जसराना
तहसील के गांव काटकर सिरसागंज एवं शिकोहाबाद में मिलाने के विरोध में
अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। विरोध के
चलते बैनामे भी नहीं हुए। अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर आंदोलन और आमरण अनशन
की चेतावनी दी। धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा 115 वर्ष पुरानी तहसील के
इतिहास के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। शासन एवं प्रशासन जनता के
धैर्य की परीक्षा न लें। बार अध्यक्ष ओमकार सिंह यादव, अजब सिंह यादव,
नीलकमल यादव ने कहा कि जसराना तहसील से सबसे अधिक संख्या में 92 गांवों को
काटना गलत है। अधिवक्ता बलबीर सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान
मुंसिफी देने का वायदा किया था लेकिन नहीं मिली। इस दौरान नंदकिशोर भारतीय,
ब्रजकिशोर उपाध्याय, कृपाल सिंह यादव, रघुवीर सिंह यादव, सत्यपाल सिंह,
रमेश चंद्र, पवन कुमार, योगेंद्र प्रकाश वर्मा, अवधेश कुमार, मुखलेश कुमार,
भुवनेश कुमार यादव, जगजीवन राम, हरेंद्र सिंह बघेल, राकेश कुमार शामिल थे।
सिरसागंज तहसील के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन
शिकोहाबाद। शिकोहाबाद तहसील के 215 गांवों को अलग कर सिरसागंज को नई तहसील बनाने का वकीलों ने विरोध किया। मंगलवार को तहसील प्रांगण में विरोध प्रदर्शन कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
बार अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा सिरसागंज तहसील बनाने के पीछे सरकार का छिपा एजेंडा है तहसील को प्रस्तावित मालती नगर (सैफई) से मिलाया जाएगा। इस बात को प्रदेश सरकार छिपा रही है। सिरसागंज को तहसील बनाना अव्यवहारिक है। सिरसागंज को विकास करना है तो उसे इंडस्ट्रियल एरिया घोषित किया जाए वहां करीब 65 कोल्ड स्टोरेज हैं। इंजीनियरिंग और मेडीकल कालेज खोले जाएं। प्रदर्शन करने वालों में वेदप्रकाश यादव, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, शिवकुमार शर्मा, नीरज कुलश्रेष्ठ, संजीव यादव, शिवराम भारद्वाज, केेेेपिल श्रीवास्तव, शिवनाथ सिकरवार आदि शामिल थे।
सिरसागंज तहसील का प्रस्ताव तैयार कर विशेष वाहक से शासन को भेजा है। शासन से प्रस्ताव मांगा गया था। फाइनल मुहर शासन से ही लगेगी।
कर्मेेंद्र सिंह, एडीएम फीरोजाबाद