समाजवादी पेंशन के फार्मों को भौतिक सत्यापन के लिए पुन: नगर निगम की टीमें वार्डों में दौड़ती नजर आएंगी। पूर्व में किए गए भौतिक सत्यापन में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। इससे पेंशन मिलने की प्रक्रिया अधर में लटक गई है।
प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों, बेसहारा लोगों के लिए समाजवादी पेंशन योजना शुरू की गई है। योजना के तहत गरीब पात्रों के फार्म बैंक एकाउंट और फोटो सहित भरकर जमा कराए जाने हैं। नगर निगम में तैनात कर संग्रहकर्ताओं की मनमानी के चलते अमीरों को पात्र बनाकर फार्म जमा करा दिए गए। जिला प्रशासन स्तर पर कराई गई जांच में कर संग्रहकर्ताओं की कारगुजारी खुल गई। जिला प्रशासन के निर्देश कराए गए सत्यापन में भी कर्मचारियों द्वारा खासी लापरवाही बरती गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा इस तरह करीब 3000 हजार से अधिक फार्म पुन: नगर निगम को भेजे गए हैं। इन फार्मों के पुन: सत्यापन के लिए नगर निगम की टीमों वार्डों में दौड़ती नजर आएंगी। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी फार्मों में पात्रों के नाम पते, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर दर्ज किए जाएंगे। इस संबंध में कर अधीक्षक राजेंद्र सिंह यादव ने बताया है कि समाजवादी पेंशन के फार्म सत्यापन को टीमें गठित कर दी हैं। कर संग्रहकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि फार्म सही जानकारी दर्ज करें। जल्द सत्यापन कार्य पूर्ण कर फार्म समाज कल्याण विभाग को भेजे जाएंगे।