पालीवाल आडिटोरियम में स्वकर के संबंध में जनता दरबार लगाया गया, जिसमें जनप्रतिनिधि, व्यापारी, लायर्स क्लब द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। स्वकर के विरोध में चेतावनी दी यदि जबरन स्वकर लगाया तो जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
नगर विधायक मनीष असीजा ने कहा जनता की काफी उम्मीदों के बाद नगर निगम बना। नगर निगम बनने से शहर को नई पहचान मिलेगी, सुविधाएं बढ़ेंगी, लेकिन दुर्भाग्य है जो अपेक्षाएं थीं, वह पूरी नहीं हो सकीं। स्वकर की पहले जो दरें लगाईं उसमें नियमावली का पालन नहीं किया गया। छह माह के अंदर चुनाव हो जाने चाहिए थे, वह भी नहीं हुए। जनता की परिस्थितियां नहीं देखी गईं। यदि जबरन स्वकर लगाया तो जनता सड़क पर उतरेगी। अधिक टैक्स वसूली किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी के दबाव में आकर स्वकर लागू किया तो जनआंदोलन होगा। कांग्रेस नेता सतीशंचद्र अग्रवाल ने कहा कि स्वकर लगाने से पहले महानगरों जैसी सुविधाएं दें, तब टैक्स वसूली की जाए। निर्मल जैन ने कहा कि वर्षों बाद भी सड़कों के चौड़ी न होने से जनता का दम घुट रहा है। यह श्रमिक बाहुल्य शहर है, जहां 75 प्रतिशत गरीब जनता है। पहले सुविधाएं दें, तब टैक्स लें। वीएस गुप्ता ने कहा कि अफसर नई सोच से कार्य कर जनता को सुविधाएं दें। रविंद्रलाल तिवारी ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद भी शहर का एक प्रतिशत विकास नहीं हुआ। सुनील शर्मा ने कहा कि कागजों पर नगर निगम बन गया, परंतु जनता के लिए सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। ऐसे में स्वकर कतई बर्दाश्त नहीं है। लायर्स क्लब की ओर से धर्मसिंह यादव एडवोकेट, प्रभात कुमार नगीना सहित अन्य अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज किया। मौके पर नगर आयुक्त रामऔतार रमन, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, एई रमाशंकर राम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
1200 आपत्तियां, सुनवाई को पहुंचे मात्र 20 लोग
नगर निगम द्वारा संशोधित दरों को लेकर जनप्रतिनिधि, व्यापारी, आमजन द्वारा 1200 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। नगर निगम द्वारा प्रचार-प्रसार के अभाव में आपत्तियों की सुनवाई को मात्र 20 लोग पहुंचे। नगर विधायक, व्यापारियों ने कहा है कि वार्ड वाइज आपत्तियों पर सुनवाई कराई जाए, जिसमें सभी दलों के जनप्रतिनिधियों को अवश्य बुलाया जाए।
स्वकर को भूल नाली, खड़ंजा की बात उठाई
स्वकर के संबंध में प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई के दौरान राजनीतिक दलों से जुड़े प्रतिनिधि, व्यापारी स्वकर को भूल नाली, खड़ंजा की बात पर आ गए। माइक हाथ में आया तो हर कोई स्वकर पर आपत्ति करने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सुनाने लगे।