- रामचंद्र पालीवाल हॉल में चल रही भागवत कथा में बताया कथा का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन करते हुए कथा व्यास आचार्य भोलेश्वर दीक्षित ने कहा कि दुख में सुमिरन सब करे,सुख में करे न कोए। जो दुख में सुमरिन करे तो दुख काहे को होए। उन्होंने कहा कि ईश्वर को हमेशा याद करना चाहिए। तभी कल्याण होगा।
नगर के पालीवाल हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कहा कि सुखदेव ने राजन परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा को सुनाया था। कथा व्यास आचार्य भोलेश्वर दीक्षित ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से कुंती ने दुख मांगा था। ताकि वह भगवान को हमेशा याद कर सकें। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने के साथ ही उसका अनुसरण करने से मानव का कल्याण हो जाता है। भागवत गीता का मानव जीवन का सार है। इसको जो समझ लेता है वह भव से पार हो जाता है। शाम को कथा के समापन पर आरती के साथ ही प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान गिरधारी लाल मित्तल, मुकेश जिंदल, विवेक तोमर,अंकित अग्रवाल, सोहिल अग्रवाल, सचिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।