फिरोजाबाद। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एनसीसी कैडेट्स ने भी अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर की हैं। युवाओं ने पाकिस्तान के कायराना हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि यदि हमें भी मोर्चे पर जाने का मौका मिले, तो हम दुश्मन को सबक सिखाकर ही दम लेंगे।
- हम एनसीसी में केवल परेड करना नहीं सीखते, हममें देश के लिए मर-मिटने का जज्बा भी है। पाकिस्तान का हर हमला हमारे आत्मसम्मान पर चोट है। हमें मौका मिला तो दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देंगे। हम तैयार हैं, हर चुनौती के लिए।
आराध्या भारद्वाज, कैडेट्स
- पाकिस्तान का नागरिक इलाकों को निशाना बनाना कायरता है। हम कैडेट्स चाहते हैं कि हमें मौका मिले तो हम भी सीमा पर डट जाएं। हम अपने देश और नागरिकों की रक्षा के लिए हर समय तैयार हैं।
उपेंद्र यादव, कैडेट्स
- हम एनसीसी में केवल अनुशासन नहीं, देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी लेते हैं। अगर हमें सरहद पर भेजा जाए, तो दुश्मन को धूल चटा देंगे। यह वर्दी हमें जिम्मेदारी का अहसास कराती है।
सुशांत शर्मा, कैडेट्स
- पाकिस्तान की हरकतें हमारी सहनशक्ति की परीक्षा ले रही हैं। हम एनसीसी कैडेट्स नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर मौका मिले, तो हम भी बंदूक उठाकर तिरंगे की रक्षा करेंगे।
अंकित राठौर, कैडेट्स
- मैंने एनसीसी में जो सीखा है, वो सिर्फ किताबों से नहीं मिला – यह मैदान की मिट्टी से निकला हौसला है। पाकिस्तान को अब संयम नहीं, सख्त जवाब चाहिए। हम तैयार हैं, आदेश का इंतजार है।
तरंग दिवाकर , कैडेट्स
- हर भारतीय की तरह मेरे अंदर भी गुस्सा है, लेकिन हम उसे सकारात्मक ऊर्जा में बदलना जानते हैं। एनसीसी ने हमें नेतृत्व और संघर्ष का पाठ पढ़ाया है। हमें भी देश की रक्षा में अपना योगदान देने का अवसर मिलना चाहिए।
मुकुल यादव, कैडेट्स