फिरोजाबाद। तीन दिन पहले भाजपा के घोषित मटसेना मंडल अध्यक्ष भारत सिंह वर्मा को लेकर चल रहे घमासान में महानगर के कई बड़े नेता घिरते नजर आ रहे हैं।
आरोप है, जिले के नेताओं ने अपने निजी लाभ के लिए मटसेना मंडल के 11 अन्य दावेदारों की राजनीति को ताक पर रखते हुए अपने हितैषी को पद दिलवा दिया।
वहीं पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश राजपूत ने साफ कहा कि अगर घोषित मंडल अध्यक्ष की शहर के जिम्मेदार नेता मटसेना मंडल की आईडी दिखा दें तो वह राजनीति से संन्यास लें लेंगे। इस मामले की शिकायत पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं से भी हुई है।
फिरोजाबाद में अभी केवल शहर के ही मंडल अध्यक्ष घोषित किए गए हैं, लेकिन मटसेना मंडल अध्यक्ष को लेकर पार्टी की जमकर किरकिरी हो रही है।
भाजपा के मटसेना मंडल के नेता पार्टी के लिए बागी बन गए हैं। इसके पीछे उनका तर्क भी सही है।
मटसेना मंडल के पूर्व अध्यक्ष मुकेश राजपूत का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की निष्ठा से खिलवाड़ किया है। मटसेना मंडल में कुल 12 आवेदकों ने आवेदन किया था। इसमें 11 मटसेना मंडल के ही रहने वाले थे। जबकि एक बाहरी दक्षिण मंडल के रहने वाले भारत सिंह का आवेदन सोची समझी रणनीति के तहत नेताओं ने कराया। एक पूर्व विधायक और मंडल के चुनाव अधिकारी व भाजपा के जिले के जिम्मेदारों ने उनके कागजातों को भी नहीं देखा। अब जिम्मेदार उसी मंडल में रहने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मंडल चुनाव अधिकारी श्रीनिवास शर्मा यह सिद्ध कर दें कि भारत सिंह मटसेना मंडल में निवास करते हैं, तो वह राजनीति से सन्यास लें लेंगे। वहीं इस मामले को लेकर भाजपा के कई पदाधिकारियों ने प्रदेश स्तर के नेताओं से शिकायत की है। शहर के बड़े नेताओं का भी कहना है कि कुछ लोग खुद को पार्टी से बड़ा मान रहे हैं। भाजपा में जबकि इस तरह की गतिविधियां नहीं होती है।