मकर संक्रांति के बाद मौसम में बदलाव होता रहा है, लेकिन इस साल मौसम की चाल एकदम उल्टी है। पूरे दिसंबर और जनवरी के पहले पखवाड़े में मौसम गर्म रहा और कोहरा केवल एक दिन नजर आया, लेकिन संक्रांति पर सुबह कोहरा बेहद घना रहा तो दिन में भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। बर्फीली हवाओं ने जनमानस को ठिठुरा दिया।
गुरुवार सीजन का पहला ऐसा दिन रहा, जब रात से शुरू हुआ कोहरा पूरे दिन छाया रहा। सुबह दृश्यता शून्य रही तो दिन में यह 500 मीटर तक ही पहुंच पाई। घने कोहरे के साथ दिन में पारा सामान्य से चार डिग्री नीचे आ गया। वहीं शुक्रवार को भी मौसम का नहीं बदला। सुबह से घना कोहरा रहा तो बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। पूरे दिन सर्द हवाओं के साथ कोहरे ने ट्रैफिक की रफ्तार को थामे रखा। दिसंबर और जनवरी के गर्म होने पर चिंतित किसानों को भी कोहरे के कारण अब यह उम्मीद बंधी है कि पारा लुढ़कने से शायद आलू और गेहूं की खेती को फायदा हो सके। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक फीरोजाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में जबरदस्त कोहरा छाया रहेगा और दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, वहीं न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट अगले दो दिनों में होने के आसार हैं। दो दिनों तक घने कोहरे से दृश्यता शून्य ही रहेगी।
कोहरे के कारण घंटों की देरी से चलीं ट्रेनें
कोहरे ने एक बार फिर ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए। घने कोहरे के कारण एक ट्रैक पर दो-दो ट्रेनों को गुजारा गया। इससे कई गाड़ियां घंटों की देरी से चलीं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार देर शाम तक यात्री ट्रेनों का इंतजार करते देखे गए।
शीत लहर से राष्ट्रीय पक्षी की मौत
शीतल लहर के चलते फरिहा के गांव अगौधा में राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई, जबकि दूसरा अचेत हो गया। उसको ग्रामीणों ने किसी तरह से बचा लिया। वन विभाग के अधिकारियों के न पहुंचने पर ग्रामीण उसको दफना भी नहीं सके।