गायत्री महायज्ञ का बड़ा महत्व है। गायत्री मंत्र 24 अक्षरों से बना है। इस मंत्र में सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है। हर एक मंत्र के अक्षर में एक-एक देवी का अवतार होता है। यह बात प्रज्ञा पुराण एवं 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान आचार्य रामकेवल ने नगला दल एटा रोड स्थित ठा. बलवीर ग्लोबल एकेडमी पर प्रवचन करते हुए कही। महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
आचार्य ने कहा कि मनुष्य भौतिक सुखों के लिए दिन रात दौड़ लगाता है। लेकिन उसे सच्चे सुख की अनुभूति नहीं होती। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों को गायत्री प्रज्ञापीठ आचार्य श्रीराम शर्मा, भगवती देवी शर्मा के आशीष एवं गुरू दक्षिणा दिलाने की परंपरा का निर्वाह किया। इसके बाद इस धार्मिक अनुष्ठान में कार्यकर्ता गोष्ठी एवं संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजक धर्मवीर सिंह चौहान, डा. केवी सिंह चौहान, ब्रजवीर सिंह चौहान, डा. अभिषेक चौहान एवं गायत्री परिवार घिरौली ने सभी श्रद्धालु से अपील की है कि धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर धार्मिक लाभ प्राप्त करें। शीला धाकरे, क्षमा चौधरी, नीरज सिंह, अरविंद सिंह चौहान, चरन सिंह, खचेर सिंह, सोवरन सिंह, रामप्रकाश सिंह, राजपाल सिंह, रनवीर सिंह, जगवीर सिंह आदि लोग उपस्थित थे।