फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पत्नी का बांक से काटा गला...फिर बाजरा के खेत में छिपा दी लाश, दोषी पति को आजीवन कारावास

Tue, 07 Oct 2025 08:52 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

कोर्ट में मामला मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था, क्योंकि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश करने वाले डॉ. शैलेश कुमार के साक्ष्य से यह सिद्ध हुआ कि हत्या धारदार हथियार से गला काटकर की गई थी।
विज्ञापन
अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिरोजाबाद में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 ने पत्नी की गला काटकर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन


लाइनपार थाने में 21 अगस्त 2019 को ओमकार सिंह ने पुष्पेंद्र और उसके पिता बलवीर सिंह निवासी कुंवर बहादुर की ठार (गुदाऊं), लाइनपार के खिलाफ अपनी भतीजी मलूकी उर्फ ममता की बांक से गला काटकर हत्या और शव को भूसे में छिपाने का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनकी भतीजी मलूकी उर्फ ममता की शादी वर्ष 2005 में पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू के साथ हुई थी। 20 अगस्त 2019 की शाम घरेलू कलह के चलते उसके पति पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू और ससुर बलवीर सिंह ने भतीजी की हत्या कर दी। 

हत्या के बाद सबूत नष्ट करने के इरादे से शव को पहले भूसे में छिपाया गया और फिर बाजरा के खेत में छिपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। मगर, विवेचना में ससुर बलवीर सिंह के खिलाफ कोई साक्ष्य हत्या से जुड़ा सामने न आने के चलते उसका नाम निकाल दिया गया और पुष्पेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन

न्यायालय में यह मामला मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था, क्योंकि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश करने वाले डॉ. शैलेश कुमार के साक्ष्य से यह सिद्ध हुआ कि मृतका मलूकी की हत्या धारदार हथियार से गला काटकर की गई थी।

इसके अलावा विवेचक निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने गवाही दी कि भूसे वाले कमरे में खून की बूंदें और शव को खींचने के निशान मिले थे। अभियुक्त की निशानदेही पर खून से सना बंका बरामद किया गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने बरामद रक्त रंजित मिट्टी, भूसा और बंका पर खून लगे होने की पुष्टि की, जिससे अभियोजन के आरोपों को बल मिला। इस आधार पर कोर्ट ने पुष्पेंद्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।

पुलिस ने हत्या के पीछे यह किया था दावा
पुलिस ने 24 अगस्त 2019 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उसे जेल भेजा गया था। पुलिस ने दावा किया था कि पुष्पेंद्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि मलूकी उसकी दूसरी पत्नी थी। उससे काफी दिनों से अनबन चल रही थी। वह उसके पास नहीं रहती थी, जब मर्जी तब चली जाती थी। इसी से आहत ही होकर उसने मलूकी की हत्या की थी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें