अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक)
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फिरोजाबाद में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 ने पत्नी की गला काटकर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
लाइनपार थाने में 21 अगस्त 2019 को ओमकार सिंह ने पुष्पेंद्र और उसके पिता बलवीर सिंह निवासी कुंवर बहादुर की ठार (गुदाऊं), लाइनपार के खिलाफ अपनी भतीजी मलूकी उर्फ ममता की बांक से गला काटकर हत्या और शव को भूसे में छिपाने का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनकी भतीजी मलूकी उर्फ ममता की शादी वर्ष 2005 में पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू के साथ हुई थी। 20 अगस्त 2019 की शाम घरेलू कलह के चलते उसके पति पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू और ससुर बलवीर सिंह ने भतीजी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद सबूत नष्ट करने के इरादे से शव को पहले भूसे में छिपाया गया और फिर बाजरा के खेत में छिपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। मगर, विवेचना में ससुर बलवीर सिंह के खिलाफ कोई साक्ष्य हत्या से जुड़ा सामने न आने के चलते उसका नाम निकाल दिया गया और पुष्पेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।