फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: दहेज उत्पीड़न के दोषी पति व सास को तीन-तीन वर्ष का कारावास

Fri, 21 Mar 2025 12:06 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम श्वेता सोनी फिरोजाबाद ने 09 वर्ष पुराने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति एवं सास को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष का कारावास एवं प्रत्येक को 4500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है। मामला महिला थाने से जुडा हुआ है। पीड़िता रिंकी कुशवाहा निवासी न्यू तिलक नगर थाना उत्तर ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि उसकी शादी 07 जुलाई 2016 को थाना सिरसागंज क्षेत्र ग्राम बैजुआ खास निवासी सोनू उर्फ सुभांशू के साथ हुई थी। उसके पति सोनू उर्फ सुभांशु, सास सावित्री देवी, जेठ मनोज, बड़ी सास रजनी, जेठानी नीलम एवं ननद वंदना अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर परेशान करने लगे। 03 सितंबर 2016 को उपरोक्त लोगों ने मारपीट कर उसे छोड़ दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कर आरोप पत्र पति, सास व तीन अन्य के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम फिरोजाबाद ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्यन करने के बाद विवाहिता के पति सोनू उर्फ सुभांशु एवं सास सावित्री देवी को दोषी पाते हुए तीन वर्ष का कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है जबकि रजनी, नीलम एवं बन्दना के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर दोषमुक्त किया गया है।
विज्ञापन




वाहन तेज व लापरवाही से चलाने के दोषी को एक वर्ष का कारावास
फिरोजाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम डॉ. निधि यादव ने दस वर्ष पुराने मामले में वाहन तेज व लापरवाही से चलाकर दूसरे वाहन को क्षतिग्रस्त करने और मानव के साथ अपूर्णनीय क्षति पहुंचाने के दोषी को एक वर्ष का कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना रसूलपुर क्षेत्र का वर्ष 2015 का है। झारखंड के हजारीबाग निवासी सुरेंद्र यादव ने नेशनल हाईवे-2 पर अपने वाहन को तेज व लापरवाही से चलाकर दुघर्टना कारित की थी। जिससे मानव क्षति भी हुई थी। घटना की रिपोर्ट थाने पर दर्ज कराई गयी और पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। न्यायाधीश डा0 निधि यादव ने सुरेन्द्र यादव को दोषी पाते हुए खुला न्यायालय में सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें