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किसानों की चिंता एक साथ बिल आया तो कैसे करेंगे जमा

Sun, 26 Feb 2017 11:22 PM IST
सतेन्द्र धाकरे
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बिजली कनेक्‍शन की रसीद।
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दो जिलों के बीच बिजली विभाग की लापरवाही किसानों पर कभी भी पहाड़ बन कर टूट सकती है। 10 वर्षों से किसानों को उनके बिजली के बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। एटा से जिले में शामिल किए गए गांव के किसान बिलों के लिए विभागीय कार्यालयों में चक्कर काट कर थक चुके हैं। इससे वे काफी परेशान हो चुके हैं।
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जुलाई 2003 में  एटा के 46 गांवों को टूंडला तहसील में शामिल किया गया था। इस दौरान  उनकी बिजली एटा जनपद के अवागढ़ बिजलीघर से ही सप्लाई होती रही। वहीं वर्ष 2008 में रिजावली फीडर बनने पर रिजावली गांव को यहां से बिजली दी जाने लगी। ग्रामीणों के पास एक-दो बार ही एटा जनपद से बिल भेजे गए। संपर्क करने पर अवागढ़ बिजली दफ्तर से कह दिया गया कि अब बिल फिरोजाबाद से बनकर आया करेंगे। चार महीनों तक बिल नहीं आने पर ग्रामीण फिरोजाबाद बिजलीघर जाकर जानकारी की। उन्हें बताया गया कि अभी फीडिंग नहीं हुई है। इसके बाद भी वे तहसील दिवसों और उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करते रहे लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। 2006 से अभी तक ग्रामीणों को कोई बिल नहीं दिए गए हैं। इससे ग्रामीण खासे परेशान हैं। रिजावली गांव के राजवीर सिंह, सुरेशपाल सिंह, दिनेशपाल सिंह, जगतपाल सिंह, नरेन्द्र पाल सिंह, भानु प्रताप सिंह, धर्मवीर सिंह, लाखन सिंह, सत्यवीर सिंह, सतीशपाल सिंह और अशोकपाल सिंह का कहना है कि लगातार 10 वर्षों से उनके बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। एक साथ लाखों रुपये का बिल मिलने पर कैसे भरेंगे। ऐसी स्थिति में किसान कहीं का नहीं रहेगा।
विभाग क्यों नहीं काटता कनेक्शन
टूंडला  (ब्यूरो)। बिजली विभाग चार माह बाद ही कनेक्शन काट देता है लेकिन यहां तो वर्षों हो गये। इसकी विभाग को चिंता क्यों नहीं हुई। वहीं करोड़ों रुपये की उपयोग की गई बिजली का विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है।
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प्रधानपति धीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसान नोटबंदी और आलू की मंदी से पहले से ही गुजर रहा है। यदि दस वर्ष का एक साथ बिल आता है तो  किसान के सामने  बिल भरने की सबसे बड़ी समस्या होगी। किसान उपेन्द्रपाल सिंह ने कहा कि बिल निकलवाने के लिए वह विभाग के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। ऐसे में वह बिल आखिर भरें तो कहां जाकर भरें। किसान नरेशपाल सिंह का कहना है कि दस वर्ष का बिल वह कैसे भरेंगे। जवाहर सिंह जादौन का कहना है कि लाखों रुपये का बिल भरने में जमीन तक बेचनी पड़ जाएगी।  
कोट
अभी मैंने चार्ज लिया है। इसलिए मामले की जानकारी नहीं है। विभाग किसानों की समस्या का समाधान कराएगा। पीड़ित किसान अपना बिल लेकर कार्यालय में मिलें। पूरा मास्टर डाटा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जाएगा।
पवन वर्मा, उपखंड अधिकारी, जलेसर, एटा
जलेेसर-एटा से अभी हमारे पास कोई डाटा नहीं आया है। जल्द ही अपने एसडीओ को भेजकर मास्टर डाटा मंगवाया जाएगा। उसके बाद किसानों की समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
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 आरबी राय, अधीक्षक अभियंका विद्युत, फिरोजाबाद

फोटो-टूंडला तहसील का रिजावली विद्युत उपकेन्द्र,
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