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पानी से घिरे घर, लोग पलायन को मजबूर 

Mon, 18 Jul 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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बारिश के गिरी दीवार
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सुहागनगरी में बरसात गरीबों पर आफत बनकर टूट रही है। बारिश  का पानी घरों में भरने से लोगों को सामान तो खराब हो ही रहा है बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। कुछ मकानों की दीवारें गिर गईं तो लोगों को दूसरे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। शनिवार से शुरू हुआ बारिश का क्रम सोमवार को भी रुक- रुक कर जारी रहा। नई आबादी व 13 ग्रामसभाओं से सटे इलाकों का बुरा हाल है। 
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नई आबादी के क्षेत्र हबीब गंज, अब्बास नगर, नगला गूलरिया, उर्दू नगर, हसमत नगर, बिलाल नगर, छिदामुल नगर, न्यू रामगढ़, छपरिया, आकाशवाणी रोड, साठ फुटा रोड, नगला बरी से जुड़े क्षेत्रों में हर तरफ तबाही जैसा मंजर नजर आ रहा है। मकानों की दीवारें गिरने से लोग तबाह हो गए हैं। कुछ के पास तो सिर छिपाने को जगह भी नसीब नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में लोग दूसरे स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं। कोटला रोड स्थित कैलाश नगर में सुबह बरसात का पानी भरने से एक मकान की दीवार भरभरा कर गिर पड़ी।

मकान से कूदकर बचाई बच्चों की जान 
हबीबगंज निवासी इकरार का कहना है कि रविवार रात में दीवार भरभरा कर प्लाट में गिरी। तब बच्चे सो रहे थे। मैंने मकान से बाहर कूदकर बच्चों की बमुश्किल जान बचाई। 
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बहन की कैसे करूंगा शादी 
छिदामुल नगर निवासी खुशहाल ने बताया कि बरसात होने से बगल के प्लाट का सारा पानी मकान की दीवारों में भरने से पूरी दीवार ढह गई। शेष मकान में ददारें पड़ गई हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। पिता की मौत हो चुकी है और बहन की शादी करनी है। अब सिर छुपाने के लिए जगह नहीं बची ऐसे में बहन की शादी कैसे करूंगा। 


परवीन के घर की दीवार भी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। उनका कहना है कि बरसात के कारण अंदर मकान में भी दरारें पड़ गई हैं। बेसमेंट में पानी भरने से कहीं बैठने तक को सुरक्षित जगह नहीं है। इसरार के मकान का शौचालय पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। 

चार माह पूर्व बनी सड़क व नालियां हुईं ध्वस्त
हबीबगंज में नगर निगम द्वारा चार माह पूर्व लाखों रुपये खर्च कर इंटरलॉकिंग सड़क व नालियों का निर्माण कराया गया। वह सड़कें व नालियां चार माह में ही ध्वस्त हो गईं। आसपास के मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। नगर निगम द्वारा कराए घटिया निर्माण से जनता में आक्रोश नजर आया। 

हर पल बढ़ रहा खतरा 
बोधाश्रम रोड स्थित कुंज बिहार में बरसात के पानी के कारण पूरी सड़क उखड़ गई। इससे आसपास के मकान गिरने की आशंका से लोगों की नींद उड़ गई है। अजय जैन, गौरीशंकर, राजू राठौर, रामबाबू सविता का कहना है कि नगर निगम द्वारा जहां जरूरत थी, उन गलियों का निर्माण नहीं किया। सड़क का पूरा पानी गलियों में आ रहा है, जिससे सड़क, नालियां धंसने से मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। 

12 वर्ष पुराना रिकार्ड तोड़ सकती है बारिश 
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। कृषि विभाग की ओर से संकलित बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई माह में पिछले 12 वर्षो में बारिश का आंकड़ा पार हो जाएगा। 17 जुलाई को ही अकेले टूंडला क्षेत्र में सर्वाधिक 270 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। यह बारिश जिले के तीनों तहसीलों में हुई बारिश से अधिक है। जुलाई माह में सामान्य रूप से 196.10 मिमी बारिश होनी चाहिए। पिछले 12 वर्षो में जुलाई माह में हुई बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो 2005 में अभी तक सर्वाधिक बारिश 464.96 मिमी हुई थी लेकिन इस बार जुलाई माह में यह आंकड़ा पार होने की संभावना बन गई है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले में 2006 में 330.63 मिमी, 2007 में 219.48 मिमी, 2008 में 407.40 मिमी, 2009 में 83.16  मिमी व 2010 में 159.36 मिमी बारिश हुई। 2011 में 157.23 मिमी व 2012 में 161.79 मिमी, 2013 में 193.66 मिमी, 2014 में 40.63 मिमी, 2015 में 160.61 मिमी बारिश हुई है। जबकि 2016 में अभी तक 315.12 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि अभी करीब 13 दिन जुलाई माह में शेष हैं। इसके कारण पिछले 12 वर्षों का रिकार्ड टूटने की संभावना अधिक है। 


पिछले चार दिनों में हुई बारिश का तहसीलवार आंकड़ा 
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तहसील      15.07    16.07   17.07     18.07 जुलाई 
फीरोजाबाद   15.20     28.40   66.10    80.20
शिकोहाबाद   03.25   45.20   20.00     95.00 
जसराना       00.00   23.40   53.40     83.40 
टूंडला         00.00   12.80   270.00   85.00 
मुख्यालय     00.00   30.00   58.00     72.60 
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अच्छी बारिश होने के कारण किसानों के खेतों में पानी भर गया है। जिन खेतों में फसल खड़ी है वहां पानी भर गया है तो वह जलनिकासी की व्यवस्था करें। ताकि फसलों को बचाया जा सके। जिन किसानों ने फसल की बुवाई नहीं की है उन्हें अभी इंतजार करना होगा। यह बारिश की फसल धान की रोपाई करने वालों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगी। 
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अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।
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