फिरोजाबाद। वेतन भुगतान संबंधी एक मामले में सहायक श्रमायुक्त द्वारा जारी आदेशों पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। मामला गेल इंडिया के अधीन काम करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों से जुड़ा है।गेल इंडिया द्वारा वर्तमान में शहर के विभिन्न हिस्सों में घरेलू कनेक्शन के लिए गैस पाइप लाइन डलवाई जा रही है। इसका ठेका आगरा की फर्म चाहर इंजीनियरिंग को दिया गया है। गैस पाइप लाइन डालने का टेंडर हासिल करने के बाद चाहर इंजीनियरिंग ने टूंडला निवासी एक ठेकेदार को काम पूरा कराने का जिम्मा सौंपा। कार्य प्रक्रिया के दौरान कुछ कामगारों ने वेतन भुगतान नहीं किए जाने संबंधी विवाद उत्पन्न होने पर सहायक श्रमायुक्त के यहां दावा किया था। जिस पर सहायक श्रमायुक्त आगरा की फर्म के विरुद्ध आदेश जारी करते हुए कामगारों को करीब तीन लाख 43 हजार रुपये भुगतान के आदेश पारित किए थे।
सहायक श्रमायुक्त की ओर से जारी आदेशों के विरुद्ध मैसर्स चाहर इंजीनियरिंग ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने सहायक श्रमायुक्त द्वारा जारी वेतन भुगतान संबंधी निर्देशों पर रोक लगाने के आदेश पारित किए। रोक के आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी होंगे। श्रम मामलों के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि चाहर इंजीनियरिंग के पक्ष में दी गई दलीलों को सही मानते हुए यह आदेश जारी किए हैं।
इस प्रकरण में कार्यदायी संस्था के विरुद्ध भुगतान वसूली आदेश जारी किया जा चुका है। इस प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय का कोई आदेश अभी नहीं मिला है। न्यायालीय आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
यशवंत कुमार, सहायक श्रमायुक्त