फिरोजाबाद। अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम की नीलामी में संपत्ति खरीदने वाले फिरोजाबाद निवासी हेमंत जैन जमीन पर कब्जा पाने के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय के साथ विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। काफी प्रयास के बाद अभी तक कब्जा नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि कब्जा पाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
फिरोजाबाद के लहरी कंपाउंड निवासी हेमंत जैन ने अपने भाई पीयूष जैन के साथ मिलकर वर्ष 2001 में महाराष्ट्र मुंबई के ताड़देव इलाके में दाऊद की उमेरा इंजीनियरिंग वर्क्स नाम की 144 वर्ग फुट की दुकान नीलामी में खरीदी थी। जब वह इसका पंजीकरण कराने पहुंचे तो उन्हें मना कर दिया। यह कहकर कि यह जायदाद केंद्र सरकार के तहत आती है और केंद्र सरकार के अधीन रही संपत्ति का किसी निजी व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। कई सालों की दौड़ धूप और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद मामला आगे बढ़ा। न्यायालय के भी चक्कर लगाने के बाद हेमंत जैन जमीन पर कब्जा पाने को लगातार भागदौड़ कर रहे है।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री के सचिवालय, आयकर विभाग के साथ अन्य विभागों के अधिकारियों से मिले थे। यही नहीं पत्र सौंपकर उक्त दुकानों पर कब्जा दिलाने की पहल की थी। अभी तक हेमंत जैन को कब्जा नहीं मिल सका। हेमंत जैन ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस खुद ही दाउद इब्राहिम की दुकानों पर कब्जा दिलाने से कतरा रही है। हम लगातार शिकायत करने के साथ भागदौड़ कर रहे है। उन्होंने कहा कि दुकानों पर कब्जा नहीं मिलने तक हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा।