जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को मेघा ऐसे बरसे कि हर किसी को गर्मी से राहत मिली। शहर तक तो सिर्फ बूंदाबांदी ही पहुंच सकी। बारिश से आस-पास क्षेत्र के किसानों ने राहत की स्वांस ली। क्योंकि फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई थीं। फरियादियों को पानी में भीग कर ही जाना पड़ा।
शुक्रवार को दोपहर शहर से जिला मुख्यालय की ओर जो भी गया वही अचंभित रह गया। शहर में हल्की बारिश ही हुई वहीं मोढ़ा एवं रसीदपुर कनैटा से आगे बढ़ते ही झमा झम बारिश होते दिखी। ऑटो चालक हो अथवा मिनी बस या भारी वाहन चालक हर किसी को बारिश के कारण ही दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय फरियाद लेकर जाने वाले लोग भीगते हुए वाहन से उतरने के बाद पहुंचे। बारिश होने की उम्मीद नहीं थी इसके कारण कई के अभिलेख तक भीग गए। किसी ने मुख्यालय की चौकी तो किसी ने प्रतीक्षालय में ही बारिश के बचाव को शरण ली। क्योंकि पौन घंटे तक झमाझम बारिश होती रही। इस बारिश के नजारे को देखकर हर कोई हैरान था। शहर से आने वाले मोबाइल फोन पर कोई विश्वास ही नहीं कर रहा था कि बारिश हो रही होगी। बारिश के कारण जिला मुख्यालय पर किसानों के आंदोलन में शामिल होने को ही आए किसान भी भीग गए। चहुंओर पानी भर गया। मुख्य सड़क पर काफी पानी था। इधर खेतों में पानी भरा दिखाई दिया। बारिश होने से मुख्यालय के साथ आस-पास के ही गांव के वाशिंदों को राहत मिली। शहरी क्षेत्र में हल्दी बूंदा बांदी होने के कारण शाम को वक्त उमस के कारण हाल बेहाल रहा।
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