दीपावली से पूर्व कांच कारोबारियों की धड़कन तेज हो गई है। नई दिल्ली की सेफ संस्था द्वारा कांच उद्योग के खिलाफ दायर याचिका पर एनजीटी में बुधवार को सुनवाई होनी है। एनजीटी की सुनवाई के मद्देनजर उद्यमी टेंशन में हैं।
बता दें कि नई दिल्ली की सेफ संस्था द्वारा कांच उद्योग में बढ़ते प्रदूषण, क्षमता विस्तार, अफसरों द्वारा इकाइयों को गलत रूप से संचालन की अनुमति देने सहित कुल 143 इकाइयों के मामले में एनजीटी में याचिका दाखिल की गई है। एनजीटी ने चल रही सुनवाई के दौरान उद्योग विभाग से कोल कैपेसिटी का डाटा तलब किया गया था। इसके बाद विपक्ष के वकील ने नीरी की फाइनल रिपोर्ट न मिलने को मुद्दा बनाकर तिथि आगे बढ़वा ली थी। 31 मई को हुई सुनवाई में नीरी की रिपोर्ट पर ही आपत्ति खड़ी कर दी। एनजीटी की तिथि से पूर्व उद्योग विभाग और टीटीजेड अथॉरिटी के समक्ष नीरी के वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट का प्रजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया यदि हमारी रिपोर्ट को कोई चैलेंज करता है, तो हम तथ्यों के साथ जवाब देंगे। एनजीटी में जवाब दाखिल करने को उद्योग विभाग ने तैयारी कर ली है। वहीं जिन इकाइयों की पत्रावलियां नहीं थीं, अथवा एफीडेविट के आधार पर क्षमता विस्तार कर लिया था, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अब इसी आधार पर एनजीटी में जवाब दाखिल किया जाएगा। इधर, दीपावाली से पूर्व एनजीटी की सुनवाई ने एक बार फिर उद्यमियों की टेंशन बड़ा दी है। उद्यमियों का कहना है कि एनजीटी में बुधवार को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण है।