फिरोजाबाद। 12 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जिले के कांच उद्यमी राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) की रिपोर्ट पर नजरें टिकाए हैं। नीरी द्वारा ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में कांच उद्योगों के सर्वे की यह रिपोर्ट अभी कोर्ट में दाखिल नहीं हुई है। उद्यमियों का मानना है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट क्षमता विस्तार और इकाइयों को औद्योगिक क्षेत्रों में शिफ्टिंग जैसे मुद्दों पर निर्णायक आदेश जारी करेगा।
करीब छह माह से चल रही इस सुनवाई में उद्यमियों को ठोस फैसला की उम्मीद है, लेकिन रिपोर्ट के अभाव से संशय बना हुआ है। यूपी ग्लास मैन्युफैक्चरर्स सिंडिकेट (यूपीजीएमएस) ने तैयारी पूरी कर ली है। सुनवाई के दौरान चार निजी अधिवक्ता—श्वेता शर्मा, दिग्गज पाठक, विवेक पाठक और अक्षय देव कुलश्रेष्ठ उद्यमियों का पक्ष रखेंगे।
रिपोर्ट न दाखिल होने से निर्णय पर असर की आशंका
संगठन के मुकेश बंसल टोनी के अनुसार, नीरी के सर्वे अध्ययन के बाद ही सुप्रीम कोर्ट कोई निर्णय लेगा। इसलिए फिलहाल रिपोर्ट दाखिल होने का इंतजार किया जा रहा है। एक बार कोर्ट में दाखिल होते ही सुनवाई की दिशा स्पष्ट हो जाएगी।