फिरोजाबाद। कांच इकाइयों में क्षमता विस्तार के मुद्दे पर मंगलवार को होने वाली सुप्रीम सुनवाई टल गई। हालांकि क्षमता विस्तार एवं शिफ्टिंग के इंतजार में बैठे कांच उद्यमियों व पीसीबी की निगाहें सुप्रीम सुनवाई पर ही टिकी थीं। पीसीबी अफसरों के मुताबिक सुनवाई के लिए फिलहाल तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है।
टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद में संचालित 60 इकाइयों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। आगरा के उद्यमी द्वारा उक्त सभी इकाइयों के विरुद्ध बगैर अनुमति क्षमता विस्तार किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीते 22 अप्रैल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अफसरों की संयुक्त टीम गठित कर प्रदूषण मानकों का सर्वे कराने एवं टीटीजेड एरिया में वायु व जल प्रदूषण संबंधी कारकों की रोकथाम के लिए हुए उपायों की रिपोर्ट नगर निगम से मांगी थी। जानकारी के मुताबिक पीसीबी ने अपनी सर्वे रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है। जबकि नगर निगम ने भी अपना हलफनामा टीटीजेड अर्थोरिटी को सौंप दिया है। निगम का हलफनामा टीटीजेड के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाना है। वहीं क्षमता विस्तार के मुद्दे पर होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई मंगलवार को टल गई। इससे शहर के कांच उद्योग जगत निराशा है। वहीं शहर में जल और वायु प्रदूषण की रोकथाम को बनाई कार्ययोजना को लेकर निगम व अन्य विभागों को पुख्ता तैयारी का मौका हाथ लग गया है। पूछे जाने पर पीसीबी अफसरों ने बताया कि सुनवाई के लिए अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
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क्षमता विस्तार के मुद्दे पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। सुनवाई के लिए अगली तिथि अभी तय नहीं हुई है। टीटीजेड के जरिए दाखिल निगम का हलफनामा एवं विभागीय सर्वे भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का एक हिस्सा है।
राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड