कैंसर से जंग के लिए ग्रामीण इलाकों में चल रहे 116 हेल्थ वेलनेस सेंटर तैयार हो चुके हैं। साथ ही मरीजों को एक दर्जन रोगों से संबंधित जांच की सुविधा भी मिलेगी। शासन की ओर से 2.12 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सीएमओ को 14 में से 12 तरह की जांच व्यवस्था कराने की बात कही है। इन सभी केंद्रों पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और एक एएनएम तैनात किया जाएगा। कैंसर संबंधी जांच के लिए सभी सीएचओ को ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल की शुरुआती जांच कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्रों पर गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी, नवजात एवं शिशु संबंधी, बाल्यकाल एवं किशोरावस्था संबंधी, सामान्य संचारी रोग प्रबंधन, सामान्य बीमारी वाले मरीजों का इलाज, गैर संचारी रोगों की जांच, बचाव, रोकथाम एवं प्रबंधन का कार्य पहले से चल रहा है।
मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इन केंद्रों पर हीमोग्लोबिन, गर्भ की जांच, अरबोमिन एवं ग्लूकोज, ब्लड ग्लूकोज, मलेरिया, कालाजार केरैपिड, टीबी बलगम, टीएलसी, डीएससी, पैरीफेरल, स्मेयर, ब्लड ग्रुपिंग, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, रैपिड सिफलिस, टायफाइड और हेपेटाइटिस आदि की जांच की जाएगी।
केंद्रों को दी निर्धारित रकम
जिला कम्यूनिटी प्रोसेस के प्रबंधक रवि कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों को अस्सी हजार रुपये दिए गए हैं। जांच सेवाओं को मजबूती देने के लिए एक लाख बीस हजार रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है।