फिरोजाबाद। नगर निगम फिरोजाबाद अब अपनी कार्यप्रणाली को हाई-टेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। निगम ने राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में आई-ट्रिपल सी (इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) सिस्टम स्थापित करने के लिए शासन को 45.78 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेजी है।
यह अत्याधुनिक सिस्टम न केवल शहर में नगर निगम के रोजमर्रा के कार्यों जैसे स्वास्थ्य, स्वच्छता, जलकल, प्रकाश और निर्माण की ऑनलाइन निगरानी करेगा, बल्कि अपराध और यातायात नियंत्रण और सुरक्षित शहर के सपने को भी साकार करेगा।
पलक झपकते ट्रेस होगा सब कुछ
आई-ट्रिपल सी सिस्टम के लागू होने के बाद शहर की निगरानी बिल्कुल आगरा, नोएडा और इंदौर जैसे महानगरों की तरह हो जाएगी। निगम का कौन सा वाहन कहां चल रहा है जैसे कूड़ा गाड़ी या जलकल टैंकर, किस क्षेत्र में सफाई व्यवस्था खराब है, या किसी काम की प्रगति किस स्तर पर है, यह सब कमांड सेंटर पर पलक झपकते ही ट्रेस हो जाएगा। जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे आवेदनों की अद्यतन प्रगति किस अधिकारी के पास लंबित है, यह भी तुरंत पता चलेगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
10 हजार कैमरों की एक साथ होगी निगरानी
इस सिस्टम में सेफ सिटी योजना और आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत पहले से लगे 8,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे जोड़े जाएंगे। इसके अतिरिक्त, करीब 1,500 नए कैमरे लगाकर निगरानी के नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा। इस हाई-टेक निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय आईटी सुविधाओं से लैस कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां ग्रेड द्वितीय स्तर के अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पुलिस के भी अधिकारी की यहां तैनाती की जाएगी, जो कि अपराध और यातायात नियंत्रण की दिशा में यहां से काम करेंगे। अगर, कोई वारदात होती है तो उसे करने वाले, उसमें शामिल वाहन आदि का डाटा भी इससे जुड़े कैमरों की बैकअप फुटेज से लिया जाएगा।
वर्जन
डीपीआर निगम के आईटी विशेषज्ञ प्रशांत कुमार के निर्देशन में तैयार की गई है, जिसे पूर्व में स्टेट टेक्निकल कमेटी की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आवश्यक धनराशि जल्द ही निगम को अवमुक्त हो जाएगी, जिसके बाद शहर की कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। - आशीष शुक्ला, एक्सईएन निर्माण
यह नई व्यवस्था फिरोजाबाद को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। पहले से जिन महानगरों में यह स्थापित है, वहां अपराध और यातायात नियंत्रण पर प्रभावी अंकुश लगा है। - सौरभ दीक्षित, एसएसपी