फिरोजाबाद। सवाल बच्चों की जिंदगी बचाने का है। मां को हेपेटाइटिस बी है तो नवजात में 85 फीसदी संक्रमण की संभावना चिकित्सक मानते हैं। ऐसे में बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए जन्म के तुरंत बाद हर हाल में 24 घंटे के भीतर उसे हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना आवश्यक है। इसके लिए अब प्रोटोकॉल जारी किया गया है। जिसके तहत नवजात को प्रसव कक्ष में ही हेपेटाइटिस बी का टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 के बीच प्रसव कराए जाते हैं। पूरे जिले में 40 हजार गर्भवती के टीकाकरण का दावा विभाग कर रहा है। नवजात शिशुओं को बीसीजी, मिजिल्स, पोलियो व अन्य टीके लगाए जा रहे हैं। अब नई व्यवस्था के तहत हर नवजात को हेपेटाइटिस बी का टीका लगाया जाएगा। ताकि बाद में टीकाकरण करने में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए। लोग बाद में टीकारणकरण कराने में परहेज करते हैं। इसलिए शासन ने यह कदम उठाया है। टीकाकरण के लिए यह जिम्मेदारी प्रसव कक्ष में तैनात स्टॉफ नर्स व एएनएम नवजात शिशु के बर्थ डोज टीकाकरण के लिए उत्तरदायी होगी। एकल नवजात शिशु को हर हाल में हेपेटाइटिस बी का टीका दिया जाएगा।
हेपेटाइटिस बी का टीका नवजात शिशु के बायीं जांघ पर लगाया जाएगा। नई वैक्सीन खोले जाने पर उसका विवरण दर्ज करना होगा। अगर प्रसव के तत्काल बाद शिशु को सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट में शिफ्ट किया जाता है तो बाल रोग विशेषज्ञ की सहमति से उसे प्रत्येक दशा में यह टीका लगाया जाय। नवजात शिशु के हेल्थ प्रोटोकॉल को लेकर यह प्रबंध कराया जा रहा है। जिससे बच्चों को हेपेटाइटिस बी की बीमारी से शत-प्रतिशत बचाया जा सके। इसके लिए कर्मियों को निर्देश दे दिए जाएंगे।
-डॉ. एके श्रीवास्तव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी