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बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: मात्र दो डॉक्टरों के सहारे ओपीडी

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जिला अस्पताल में सामाजिक दूरी के साथ बैठी महिला मरीज अपनी वारी का इंतजार करती हुई - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। देश में कोरोना महामारी को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। दिन-प्रतिदिन संक्रमण के बढ़ते मरीज बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। बदहाली का आलम यह है कि मात्र दो डॉक्टरों के सहारेे ओपीडी संचालित की जा रही है। लॉकडाउन के बीच सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए ओपीडी शुरू की जा चुकी है। सौ शैय्या अस्पताल को कोविड आइसोलेशन ब्लॉक बना दिया गया है। जिला अस्पताल में महिला ओपीडी बनाई गई है।
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इसके साथ ही सरकारी ट्रॉमा सेंटर के समीप संचालित होने वाले आयुष विंग अस्पताल को बंद कर वहां पर जिला अस्पताल की ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई हैं। इसके बाद भी मरीज भटकने को विवश हो रहे हैं। आयुष विंग अस्पताल में संचालित ओपीडी में जहां बुधवार को 164 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। वहीं मंगलवार को इन मरीजों की संख्या 183 थी। जबकि सोमवार को 252 मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इसके बाद भी जिला अस्पताल में ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या में इजाफा न करते हुए मात्र दो चिकित्सकों को तैनात किया गया है।
पानी की नहीं है व्यवस्था
लॉकडाउन के बीच जहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरु हुई हैं। तो पारा भी चढ़ने लगा है। ऐसे में अस्पताल परिसर के अंदर कहीं पर भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। मरीज और तीमारदारों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारी भी पानी के लिए भटक रहे हैं।
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जांच कराने पहुंची 65 गर्भवती महिलाएं
बृहस्पतिवार को 65 गर्भवती महिलाएं जिला अस्पताल पहुंची। जिनकी गेट पर ही एंट्री की जा रही थी। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन भी कराया जा रहा था। इनमें से कुछ तो जांच व कुछ अल्ट्रासाउंड कराने को आईं थीं।
करना पड़ रहा इंतजार
सविता नगर निवासी सुमन की आठ माह से एक भी जांच नहीं हुई थी। सुबह नौ बजे करीब जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं। 22 महिलाओं के बाद उनका नंबर था। जिसके चलते वह अस्पताल परिसर में एकांत स्थान पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने लगी।
आशा के साथ जांच कराने आई
न्यू रामगढ़ निवासी राधा सात माह की गर्भवती होने के साथ ही उनकी केवल एक बार ही जांच हो पाई है। लॉकडाउन के बीच समय से जांच न होने के कारण राधा को गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी। बृस्पतिवार को वह आशा के साथ जिला अस्पताल जांच के लिए पहुंचीं।
तीन घंटे तक करना पड़ा इंतजार
न्यू रामगढ़ निवासी काजल भी जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं। लेकिन भीड़ होने के कारण उनको करीब तीन घंटे तक अस्पताल में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण प्राइवेट अस्पताल में भी जांच नहीं करा पा रहे थे।
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