जिला अस्पताल के वार्डो में भर्ती मरीज उपचार कराते हुए
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फिरोजाबाद। दीपावली के बाद जिले में प्रदूषण का स्तर दोगुना हो गया। धुंध और प्रदूषण ने लोगों को भी बीमार बना दिया है। मेडिकल कालेज (जिला अस्पताल) का मेडिकल वार्ड फुल हो गया है। यहां एक पलंग पर दो-दो श्वांस के मरीज लेटाने पड़ रहे हैं। प्रदूषण के भयावह असर के मद्देनजर डॉक्टरों ने श्वांस के मरीज को तड़के न निकलने की सलाह दी है।
मेडिकल कालेज के मेडिसन वार्ड में 60 पलंग है लेकिन मरीजों की संख्या शनिवार को 70 तक पहुंच गई। हालांकि सात मरीजों की छुट्टी की जा चुकी थी। इनमें 95 प्रतिशत मरीज श्वांस के थे। वार्ड के अलावा ओपीडी और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों के मुताबिक यह प्रदूषण दो सिगरेट के धुएं के बराबर लोगों के फेफड़े में जा रहा है। लोगों के फेफड़ों में इंफेक्शन हो रहा है। स्थिति यह है कि कई मरीजों को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है।
मरीजों की बातचीत
- आसफाबाद से आई 65 वर्षीय अनार देवी ने कहा कि 30 अक्तूबर से श्वांस लेने में बहुत दिक्कत है। इतनी परेशानी कभी नहीं हुई। जबकि पहले श्वांस संबंधित कोई परेशानी नहीं थी।
- खेड़ा गनेशपुर से आई 17 वर्ष चांदनी ने कहा कि कभी परेशानी नहीं हुई। मगर तीन दिन से सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। फेफड़ों में दर्द भी महसूस हो रहा है। चिकित्सक ने बताया कि यह प्रदूषण का असर है।
श्वांस के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ी है। ऐसा नहीं कि सिर्फ बुजुर्गों को ही दिक्कत है। प्रदूषण से हर उम्र के मरीज आ रहे हैं। ऐसे में मास्क लगाकर रखना चाहिए। अस्थमा के मरीजों को काफी सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. डीके गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन
- श्वांस के मरीज आ रहे हैं। दीपावली के बाद यह समस्या बच्चों में काफी बढ़ गई है। प्रदूषण ज्यादा होगा, उतना बीमारी बढ़ेगी। बड़ों को मास्क लगा सकते हैं। मगर बच्चों के मास्क भी नहीं लगाया जा सकता है।
डॉ. पुरुषोत्तम भाटिया, बाल रोग विशेषज्ञ