फिरोजाबाद। चिह्नित गरीबों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा देने की आयुष्मान भारत योजना लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रही है। सभी पात्र परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए शुरू किया गया अभियान सफल होता नहीं लग रहा। इस बात का खुलासा सीडीओ के सत्यापन में हुआ है। सीडीओ चर्चित गौड़ ने दस से 24 मार्च तक चलाए जा रहे आयुष्मान कार्ड बनाओ पखवाड़ा के दौरान सीएससी सेंटरों का सत्यापन कराया। जिले में 148 सीएससी पंचायतों में निर्धारित स्थान पर चलते हुए नहीं मिले। जबकि 224 सीएससी संचालकों के मोबाइल फोन बंद मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने का 15 दिवसीय पखवाड़ा की शुरूआत 10 मार्च को की थी। सीएससी सेंटरों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। सीडीओ ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों के माध्यम से जब सीएससी सेंटरों का सत्यापन कराया तो जिले में 148 सीएससी सेंटर अपने निर्धारित स्थल पर नहीं मिले तथा 224 सीएससी संचालकों के मोबाइल फोन बंद मिले। सिर्फ 90 सीएससी संचालक एक्टिव पाए गए। सीडीओ ने सीएससी संचालकों को हिदायत दी कि वह तत्काल संचालित जनसेवा केंद्र अपने गांवों में काम करना प्रारंभ करें। जो गांव में काम करना शुरू नहीं करेंगे उनकी आईडी बंद करने की संस्तुति की जाएगी। जिनके मोबाइल फोन बंद है वह तत्काल चालू करके पोर्टल पर डाल दें। अन्यथा की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नारखी निवासी खुशीराम ने बताया कि आयुष्मान पखवाड़ा में सोचा था सेंटर में जाकर गोल्डन कार्ड बनवा लूंगा, लेकिन पूरे गांव में किसी को नहीं पता कि सेंटर संचालक आखिर कहां है। वहीं उसायनी निवासी माया ने बताया कि काफी दिनों से प्रयासरत थी, कि इस बार पखवाड़ा में आयुष्मान का गोल्डन कार्ड बन जाएगा। लेकिन न तो सेंटर मिल रहे न ही फोन नंबर। आखिर कहां पर कार्ड बनवाएं।